Political Crisis in Rajasthan Update: राजस्थान में जारी राजनीतिक संकट के बीच पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने खुद के भाजप में शामिल होने को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है. उन्होंने कहा है कि वह भाजपा में शामिल नहीं होने जा रहे हैं. सचिन पायलट ने राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ खुलेआम बगावत कर दी थी. इसके बाद पार्टी ने उन्हें उपमुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष पद से हटा दिया है. अब सबकी नजर सचिन पायलट के अगले कदम पर टिकी है. सचिन पायलट ने अपने साथ 30 से अधिक विधायकों के होने का दावा किया है. उन्होंने कहा है कि राज्य की अशोक गहलोत सरकार अल्पमत में आ गई है. Also Read - माजिद मेमन का सुशांत सिंह राजपूत पर ट्वीट, NCP ने किया किनारा, BJP ने साधा निशाना

सचिन पायलट ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में स्पष्ट किया है कि वह भाजपा में शामिल नहीं होने जा रहे हैं. Also Read - बागियों के खिलाफ कांग्रेस विधायकों की नाराजगी स्वभाविकः गहलोत

वैसे कयास लगाए जा रहे थे कि करीब तीन माह पहले मध्यप्रदेश में जिस तरह से कांग्रेस के भीतर बगावत हुई थी उसी तरह राजस्थान में भी हो सकता है. मध्यप्रदेश में कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया में बगावत कर भाजपा का दामन थाम लिया था. इसके बाद राज्य में कमलनाथ सरकार गिर गई थी. Also Read - मोदी सरकार के खिलाफ सबसे मुखर हैं राहुल गांधी, इसलिए कांग्रेस कराएगी अध्यक्ष पद पर वापसी!

सचिन पायलट के भाजपा ज्वाइन करने से इनकार के बाद अब कयास लगाए जा रहे कि आखिर उनका अगला कदम क्या होगा? राजनीति के जानकार मान रहे हैं कि राजस्थान में सचिन पायलट के लिए राह आसान नहीं है. कांग्रेस के इतर नई क्षेत्रीय पार्टी बनाना भी आसान नहीं है. क्योंकि राज्य में कांग्रेस और भाजपा के इतर कभी किसी तीसरी ताकत का वजूद नहीं रहा है.