जयपुर: राजस्थान के विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां सोमवार को चरम पर पहुंच गयीं जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, बसपा प्रमुख मायावती, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित राजनीतिक के तमाम दिग्गज नेताओं ने अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के समर्थन में चुनावी सभाएं कीं और अपने राजनीतिक विरोधियों को जमकर आड़े हाथ लिया.

राज्य के हालिया चुनावी इतिहास में संभवत: पहली बार देश की राजनीति के महारथियों ने एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में चुनावी रैलियों को संबोधित किया. केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी सोमवार को राज्य के चुनावी दौरे पर रहे इसके अलावा मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अलग से चुनाव प्रचार में लगी रहीं.

मैं कामदार, कांग्रेस ‘राग दरबारियों” ”राज दरबारियों” की पार्टी: मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने भीलवाड़ा, डूंगरपुर एवं कोटा में बड़ी चुनावी रैलियों को संबोधित किया. प्रधानमंत्री के निशाने पर कांग्रेस एवं उसका परिवारवाद रहा. मोदी ने कांग्रेस को ”राग दरबारियों” एवं ”राज दरबारियों” की पार्टी बताते हुए खुद को ‘कामदार’ बताया. उन्होंने कहा कि भाजपा का एक मात्र एजेंडा विकास है.

अच्छे दिन आएंगे का नारा चौकीदार चोर में बदला: राहुल
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पोकरण, जालोर और जोधपुर में चुनावी रैलियां की और सीधे प्रधानमंत्री मोदी को निशाना बनाया. उन्होंने कहा कि साढ़े चार साल में ही अच्छे दिन आएंगे का नारा चौकीदार चोर में बदल गया. इसके साथ ही उन्होंने बड़ी घोषणा किसानों को कर्जमाफी की की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार आते ही दस दिन में किसानों का कर्ज माफ कर देगी.

बीजेपी- कांग्रेस दलित विरोधी :बसपा प्रमुख
बसपा प्रमुख मायावती ने सूरजगढ एवं आमेर सहित कई जगहों पर जनसभाओं में भाजपा और कांग्रेस को दलित विरोधी बताया जो आरक्षण प्रणाली को खत्म करने की फिराक में हैं.

योगी, राजनाथ ने भी लीं कई सभाएं
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मकराना एवं रतनगढ़ सहित कई जगह पर सभाएं संबोधित की. उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि उसने हमेशा विभाजन, बंटवारे की राजनीति की है. केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह धौलपुर जिले के राजाखेडा एवं बसेडी सहित कई जगह जनसभाएं कीं.

राजे भी जुटी रहीं प्रचार में
राज्य की मुख्यमंत्री राजे भी अलग से प्रचार अभियान पर रहीं और उन्होंने अपनी सरकार के विकास कार्यों के बल पर वोट मांगे. राज्य की 200 विधानसभा सीटों के लिए सात दिसंबर को मतदान होना है और तथा देश की राजनीति के महारथियों की चुनाव सभाओं में और इजाफा होने वाला है.