Gurjar community agitation in Rajasthan: राजस्‍थान में गुर्जर समुदाय के आंदोलन के मद्देनजर आज शुक्रवार को शाम 6 बजे से 2G/3G/4G data services, बक्‍ल में SMS/MMS और इंटरनेट के जरिए सोशल मीडिया को कई इलाकों में निलंबित कर दिया गया है. एक नवंबर को गुर्जर आंदोलन के मद्देनजर धौलपुर जिले में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 लागू कर दी गई है.Also Read - गोवा में कांग्रेस को बड़ा झटका! पूर्व CM लुइजिन्हो फलेरियो ने छोड़ी पार्टी; TMC में शामिल होने की अटकलें

ताजा जानकारी के मुताबिक, गुर्जर समुदाय के एक नवंबर के आंदोलन के मद्देनजर कोटपूतली, पावटा, शाहपुरा, विराटनगर और जामवा रामगढ़ में आज शाम 6 बजे से इंटरनेट के माध्यम से 2G / 3G / 4G डेटा सेवा, बल्क एसएमएस / MMS और सोशल मीडिया (वॉइस कॉल और ब्रॉडबैंड इंटरनेट को छोड़कर) निलंबित कर दिया गया है. Also Read - Hasin Jahan: मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहाँ के बोल्ड अंदाज़ से तलहका, तस्वीरें देख मचले दिल

गुर्जरों के प्रस्तावित आंदोलन को लेकर करौली, अलवर, दौसा, बूंदी, सवाई माधोपुर व भरतपुर आदि जिलों में प्रशासन चौकस हो गया है. आंदोलन को लेकर जयपुर में पुलिस प्रशासन की उच्च स्तरीय बैठक हुई. सम्बद्ध जिलों में उच्च अधिकारियों के साथ अतिरिक्त जाप्ता भेजा जा रहा है. Also Read - KKR vs DC, Head to Head, IPL 2021: दिल्‍ली-कोलकाता में से किसका पलड़ा है बारी ? डालें इतिहास पर एक नजर

गुर्जरों ने एक नवंबर से फिर आंदोलन करने की घोषणा की
बता दें कि गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक नवंबर से फिर आंदोलन करने की शुक्रवार को घोषणा की है. गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने हिंडौन में मीडियाकर्मियों से बातचीत में समाज के लोगों से एक नवंबर को पीलूपुरा (बयाना) पहुंचने को कहा.

गुर्जर नेता का ऐलान- एक तारीख से पीलूपुरा में आंदोलन का आगाज
गुर्जर नेता विजय बैंसला ने कहा, ”एक तारीख से पीलूपुरा में आंदोलन का आगाज होगा, क्योंकि सरकार पिछले दो साल से हमारी मांगें मान नहीं रही है. पिछले तीन महीने से तो हम रोज इनको कहते आ रहे हैं, लेकिन इनके कान पर जूं नहीं रेंग रहीं तो हमारे पास और कोई विकल्प नहीं बचा है.”विजय बैंसला ने कहा कि राजस्थान सरकार गुर्जर आरक्षण को नौंवी अनुसूची में शामिल कराये, बैकलॉग भरे तथा प्रक्रियाधीन भर्ती में अति पिछड़ा वर्ग (एमबीसी) को पांच प्रतिशत आरक्षण का लाभ दे.

बयाना में महापंचायत की थी
बता दें कि गुर्जर समिति ने 17 अक्टूबर को बयाना में महापंचायत की थी और उनकी आरक्षण संबंधी मागों को मानने के लिए राज्य सरकार को एक नवंबर तक का समय दिया था. इसके बाद इस बृहस्पतिवार को मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक हुई, जिसने गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति की तीन प्रमुख मांगों पर सकारात्मक फैसला किया.

करौली, अलवर, दौसा, बूंदी, सवाई माधोपुर व भरतपुर आदि जिलों में प्रशासन चौकस
इस बीच गुर्जरों के प्रस्तावित आंदोलन को लेकर करौली, अलवर, दौसा, बूंदी, सवाई माधोपुर व भरतपुर आदि जिलों में प्रशासन चौकस हो गया है. आंदोलन को लेकर जयपुर में पुलिस प्रशासन की उच्च स्तरीय बैठक हुई. सम्बद्ध जिलों में उच्च अधिकारियों के साथ अतिरिक्त जाप्ता भेजा जा रहा है.