Rajasthan: Ahead of Gurjar protest, 8 districts placed under National Security Act: राजस्‍थान में एक नवंबर से घोषित गुर्जर आंदोलन के मद्देनजर कानून व्‍यवस्‍था बनाए रखने के लिए राज्‍य के आठ जिलों को राष्‍ट्रीय सुरक्षा कानून लागू कर दिया गया है. राज्‍य के करोली और धौलपुर जिले में सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी गई है.Also Read - दुनिया का सबसे बड़ा राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगा' पाक बॉर्डर के पास प्रदर्शित किया गया

न्‍यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, एक नवंबर को गुर्जर आंदोलन के एक दिन पहले आज शनिवार से राजस्‍थान के भरतपुर, धौलपुर, सवाईमाधोपुर, दौसा, टोंक, बूंदी और झालावाड़ जिले को National Security Act के अंतर्गत रख दिया गया है. राजथान के करोली और धौलपुर जिले में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 लागू कर दी गई है. Also Read - Rajasthan: अलवर की 15 साल की लड़की के साथ निर्भया जैसी बर्बरता? निजी अंगों में गंभीर चोट, ढाई घंटे चला ऑपरेशन

राजस्‍थान में गुर्जर समुदाय के आंदोलन के मद्देनजर इसके पहले शुक्रवार को शाम 6 बजे से 2G/3G/4G data services, बक्‍ल में SMS/MMS और इंटरनेट के जरिए सोशल मीडिया को कई इलाकों में निलंबित कर दिया गया था और एक नवंबर को आंदोलन के मद्देनजर धौलपुर जिले में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 लागू कर दी गई थी. कल से ही करौली, भरतपुर, जयपुर और सवाई माधोपुर में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं स्थगित की गई थी. Also Read - School Closed: दिल्‍ली, हरियाणा से यूपी तक, कोरोना के डर से किन-किन राज्‍यों ने बंद किए स्‍कूल, जानें

बता दें कि राजस्थान में गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक नवंबर से फिर आंदोलन करने की घोषणा शुक्रवार को की थी. राज्‍य सरकार ने आंदोलन को देखते हुए कई संवेदनशील जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल भेजा है.

गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने हिंडौन में मीडियाकर्मियों से कहा था समाज के लोगों से एक नवंबर को पीलूपुरा (बयाना) पहुंचने को कहा है. बैंसला ने कहा था, ”एक तारीख से पीलूपुरा में आंदोलन का आगाज होगा, क्योंकि सरकार पिछले दो साल से हमारी मांगें मान नहीं रही है. पिछले तीन महीने से तो हम रोज इनको कहते आ रहे हैं, लेकिन इनके कान पर जूं नहीं रेंग रहीं तो हमारे पास और कोई विकल्प बचा ही नहीं.”

बैंसला ने कहा था कि राज्य सरकार गुर्जर आरक्षण को नौंवी अनुसूची में शामिल करवाए, बैकलॉग भरे तथा प्रक्रियाधीन भर्ती में अति पिछड़ा वर्ग (एमबीसी) को पांच प्रतिशत आरक्षण का लाभ दे.

बता दें कि गुर्जर समिति ने 17 अक्टूबर को को बयाना में महापंचायत की और उनकी आरक्षण संबंधी मागों को मानने के लिए राज्य सरकार को एक नवंबर तक का समय दिया था. इसके बाद इस बृहस्पतिवार को मंत्र‍िमंलीय समिति की बैठक हुई, जिसने गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति की तीन प्रमुख मांगों पर सकारात्मक फैसला किया. गुर्जरों के प्रस्तावित आंदोलन को लेकर करौली, अलवर, दौसा, बूंदी, सवाई माधोपुर व भरतपुर आदि जिलों में प्रशासन सतर्क है.