नई दिल्ली: राजस्थान की 200 विधानसभा सीटों पर शुक्रवार को वोटिंग होनी है. बुधवार शाम 5 बजे चुनाव प्रचार थम गया. बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टियों के केंद्रीय नेताओं से लेकर राज्य के नेताओं ने जनता को अपने पाले में करने के लिए ठंड में भी जमकर पसीना बहाया. 19 नवंबर को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि के बाद 16 दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां 12 रैलियों को संबोधित किया वहीं राहुल गांधी ने 11 रैलियों को संबोधित किया.

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राजस्थान में पिछले 25 सालों से हर पांच साल पर सत्ता बदलने की परंपरा रही है. बीजेपी जहां इस परंपरा को बदलना चाहती है वहीं कांग्रेस पुराने इतिहास के भरोसे सत्ता पाने का ख्वाब देख रही है. इस चुनाव में स्टार प्रचारकों ने राष्ट्रीय मुद्दों पर ही अपनी बात रखी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां राम मंदिर और हिन्दुत्व का कार्ड खेला वहीं राहुल गांधी ने नोटबंदी और कथित राफेल घोटाले को मुद्दा बनाया. अपनी 12 रैलियों में पीएम मोदी ने 499 मिनट का भाषण दिया. इसमें उन्होंने अपनी मां, जाति और नामदार बनाम कामदार के मुद्दे के अलावा विकास, भ्रष्टाचार और गरीबी कम करने की बात कही.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 499 मिनट के भाषण की तुलना में राहुल गांधी ने सिर्फ 185 मिनट ही भाषण दिया. इसमें उन्होंने बीजेपी को महंगई, बेरोजगारी के अलावा राफेल घोटाले, नोटबंदी, नीरव मोदी और विजय माल्या के विदेश भागने, कॉरपोरेट की मदद करने, किसानों का कर्जा माफ करने और युवाओं को रोजगार देने संबंधी मुद्दों पर अपना भाषण केंद्रीत रखा.

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मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बीजेपी की ओर से 15 दिन में कुल 75 रैलियां और दो रोड शो किए. इस दौरान उन्होंने अपनी सरकार के काम गिनाए और लोगों से बीजेपी को वोट देने की अपील की. हालांकि वसुंधरा ने सीएम फेस घोषित नहीं करने के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा और कहा कि कांग्रेस में सीएम पद के 6 उम्मीदवार हैं और उसका हाल कौन बनेगा करोड़पति की तरह हो गया है.

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पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस के लिए 13 दिन में 62 रैलियां कीं उन्होंने स्थानीय मुद्दों पर वसुंधरा राजे सरकार को घेरा और उनकी कमियां गिना लोगों से कांग्रेस को वोट देने की अपील की. सचिन पायलट ने 13 दिन में 65 रैलियां की. उन्होंने अपने भाषण को किसानों और युवाओं पर फोकस रखा. हालांकि सभा करने के पामले में वसुंधरा राजे पहले नंबर पर रहीं. उन्होंने 75 सभाएं की वहीं सचिन पायलट ने 65, अशोक गहलोत ने 62 रैलियां कीं. बीएसपी प्रमुख मायावती के बाद राहुल गांधी ने सबसे कम 11 रैलियां कीं. वोटिंग के तीन दिन बाद चार अन्य राज्यों के साथ 11 दिसंबर को नतीजे आएंगे.