नई दिल्ली: 20 साल पुरानी परंपरा बदलकर सत्ता में वापसी का राह देख रही बीजेपी दिसंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए नए चेहरों को जगह देगी. राजस्थान की 200 विधानसभा सीटों में से 100 सीटों पर बीजेपी नए चेहरे उतार सकती है. एंटी इनकंबेंसी से बचने के लिए बीजेपी ऐसा करने पर विचार कर रही है. इकॉनोमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक 7 दिसंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार करने उतरी बीजेपी को अपने विधायकों और मंत्रियों के खिलाफ नकारात्मक फीडबैक मिल रहा है. पार्टी कार्यकर्ताओं से मिले फीडबैक के बाद बीजेपी ने 200 में से 100 सीटों पर उम्मीदवार बदलने का फैसला किया है. Also Read - ममता का मोदी सरकार पर निशाना, कहा- हम जान बचाने के लिए काम कर रहे हैं, कुछ लोग हमें हटाने के लिए

पार्टी की चुनाव प्रबंधन समिति से जुड़े बीजेपी के एक सीनियर नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया, पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग मंत्री सुरेंद्र गोयल, लोक निर्माण विभाग मंत्री यूनुस खान और देवस्थान मंत्री राज कुमार रिन्वा जैसे वरिष्ठ मंत्रियों के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा है. संकेत हैं कि लगभग छह कैबिनेट मंत्रियों का टिकट कट सकता है. राजस्थान में हर 5 साल में सरकार बदलने की परंपरा रही है. बीजेपी के नेता ने बताया कि 2008 में बीजेपी ने उन 68 उम्मीदवारों को टिकट दिया था जो 2003 का चुनाव लड़ चुके थे. केवल 28 उम्मीदवार जीत हासिल कर सके. वहीं 40 विधायक जिसमें 13 मंत्री शामिल थे. चुनाव हार गए थे. Also Read - गुजरात में कांग्रेस के एक और विधायक ने दिया इस्‍तीफा, राज्‍यसभा चुनाव से पहले 8 MLA ने छोड़ा साथ

बीजेपी नेता ने कहा, उन मंत्रियों में दिग्गजों राजेंद्र सिंह राठौर, नरपत सिंह राजवी और प्रभु लाल सैनी शामिल थे, जिन्हें एंटीकंबम्बेंसी से बचने के लिए अपनी सीट बदलनी पड़ी थी. इसके बाद उन्होंने जीत हासिल की थी. इसी प्रकार, 2013 में, सत्तारूढ़ कांग्रेस ने 105 उम्मीदवारों को टिकट दिया था जिन्होंने 2008 के चुनावों में भी अपनी किस्मत आजमाई थी लेकिन उनमें से सिर्फ 14 ही विधानसभा पहुंच पाए थे. Also Read - राज्यसभा चुनाव से पहले गुजरात में कांग्रेस के विधायकों का इस्तीफा, 3 माह में 7 MLA छोड़ चुके हैं पार्टी

अपने उम्मीदवार चुनने की प्रक्रिया में जुटी भारतीय जनता पार्टी ने कार्यकर्ताओं से ‘फीडबैक’ लेने का पहला चरण आज पूरा कर लिया है. पाली जिले के रणकपुर में तीन दिवसीय बैठक में पार्टी ने राज्य के चार संभागों की 102 विधानसभा सीटों के लिए कार्यकर्ताओं से रायशुमारी की है. इसे केंद्रीय कमेटी के पास भेजा जाएगा जो प्रत्याशी तय करते समय इस रायशुमारी को भी ध्यान में रखेगी. भाजपा ने पहले चरण में बीकानेर, जोधपुर, कोटा व उदयपुर संभागों की 102 विधानसभाओं के लिए कार्यकर्ताओं की राय ली है. रायशुमारी का दूसरा चरण 20 से 23 अक्टूबर को जयपुर में होगा जिसमें भरतपुर, अजमेर व जयपुर संभाग की 98 विधानसभाओं के लिए कार्यकर्ताओं का फीडबैक लिया जाएगा.

वहीं रणकपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा,‘कांग्रेस में आलाकमान ही सब कुछ होता है जबकि हमारी पार्टी भाजपा में कमल निशान सर्वोपरि है. उन्होंने कहा,‘भाजपा का रिमोट कांग्रेस की तरह आलाकमान के हाथ में नहीं बल्कि कार्यकर्ताओं के हाथ में है.’ मुख्यमंत्री ने कहा कि दिसम्बर 2013 में जीत के जिस फार्मूले से भाजपा 163 सीटें लेकर आई उसी फार्मूले से इस चुनाव में भी हम ऐतिहासिक जीत दर्ज करायेंगे. रायशुमारी में वसुंधरा ने भी झालरापाटन विधानसभा क्षेत्र के लिए आम कार्यकर्ता की तरह सुझाव मतपेटी में सुझाव मतदान किया. रायशुमारी कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन लाल सैनी ने कहा, ‘एक ओर तो भाजपा है जो चुस्त, दुरूस्त और एकमुख है वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस उस दिल की तरह है जिसके टुकड़े हजार हुए कोई यहां गिरा कोई वहां गिरा.’ भाजपा के संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर ने भी कार्यकर्ताओं को सम्बोधित किया.