जयपुर: राजस्‍थान विधानसभ चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के उम्‍मीदवारों के लिए ताबड़तोड़ प्रचार कर रहे यूपी के सीएम अपने एक बयान के चलते विवादों में फंस गए हैं. योगी आदित्यनाथ द्वारा भगवान हनुमान को दलित व वंचित बताया जाना राज्य के कई लोगों को रास नहीं आया है. यहां के एक संगठन सर्व ब्राह्मण समाज ने तो इस पर योगी को नोटिस भेजकर माफी की मांग की है.

समाज का कहना है कि बजरंग बली न तो दलित हैं, न वंचित और न ही लोकदेवता. समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश मिश्रा ने अपने वकील के जरिए भेजे नोटिस में योगी आदित्यनाथ से इस मामले में माफी मांगने को कहा है और तीन दिन में ऐसा नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है.

भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों के समर्थन में राज्य में ताबड़तोड़ जनसभाएं कर रहे योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को मालाखेड़ा अलवर में कहा था कि ‘बजरंग बली ऐसे लोकदेवता हैं जो स्वयं वनवासी हैं, गिरवासी हैं, दलित हैं, वंचित हैं.’ इससे नाराज ब्राह्मण समाज ने नोटिस में कहा है कि हनुमान भगवान हैं. उन्हें वंचित और लोकदेवता बताना न केवल उनका बल्कि लाखों हनुमान भक्तों का अपमान है.

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कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने भी योगी के इस बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा, ‘भाजपा अभी तक इंसान को बांटने का काम कर रही थी, लेकिन अब भगवान को भी जाति में बांट रही है.’

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बता दें कि राजस्‍थान में 7 दिसंबर को 200 सदस्‍यीय विधानसभा के लिए मतदान होगा. राज्‍य में भाजपा की सरकार है, लेकिन इन चुनावों में एंटी-इंकम्‍बेंसी, सामाजिक संगठनों के विरोध तथा अपनी ही पार्टी के बागियों से जूझ रही है. राज्‍य में अपनी सत्‍ता बनाए रखने के लिए भाजपा हरसंभव कोशिश कर रही है. योगी आदित्‍यनाथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्‍यक्ष अमित शाह के साथ स्‍टार प्रचारकों में शामिल हैं.