नई दिल्ली: राजस्थान में सियासी घमासान एक बार फिर तेज हो गया है. इस बार राजस्थान विधानसभा के स्पीकर सीपी जोशी ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिका को वापस ले लिया है. सुप्रीम कोर्ट ने याचिक वापस लेने की अपील को स्वीकार कर लिया है. इस बात की जानकारी वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने दी. उन्होने इस बात को स्वीकार किया की सीपी जोशी द्वारा दायर याचिका को वापस लिया गया है. गौरतलब है कि यह पूरा मामला सचिन पायलट व उनके विधायकों के नामांकन को खारिज करने को लेकर शुरू हुआ था. Also Read - ये क्या बोल गए केंद्रीय मंत्री...कोर्ट कह रही सबका टीकाकरण करो, अब वैक्सीन नहीं तो क्या हम फांसी लगा लें?

हालांकि कपिल सिब्बल ने कहा कि हाईकोर्ट के आए फैसले को आगे चुनौती दी जा सकती है. बता दें कि कांग्रेस अब इस मामले को राजनैतिक तरीके से सुलझाने में जुटी हुई है. वहीं दूसरी तरफ राजस्थान के राज्यपाल ने एक बार फिर विधानसभा सत्र बुलाने संबंधी फाइल को राज्य सरकार को लौटा दिया. सीएम अशोक गहलोत कैबिनेट ने 31 जुलाई से विधानसभा सत्र बुलाने की सिफारिश संबंधी फाइल राज्यपाल को भेजी थी. राज्यपाल के इस फैसले से राज्य की राजनीति में नया मोड़ आ गया है. Also Read - कोर्ट की सुनवाई के सीधे प्रसारण पर गंभीरता से विचार कर रहा हूं: प्रधान न्यायाधीश

वहीं राज्य में जारी इस राजनीतिक संकट के बीच बहुजन समाज पार्टी ने व्हिप जारी अपने विधायकों से कहा है कि वह सदन में अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ वोट करें. वैसे बसपा के सभी छह विधायकों ने राज्य स्तर पर पार्टी का कांग्रेस में विलय कर लिया था. अब बसपा के केंद्रीय नेतृत्व का कहना है कि बसपा एक राष्ट्रीय पार्टी है ऐसे में उसका राज्य स्तर पर विलय हो ही नहीं सकता.