नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राजस्थान भाजपा के नेताओं को दिल्ली बुलाया है. इस खबर के सामने आने के बाद राजस्थान में सियासी चर्चा तेज हो चुकी है. इस दौरान जेपी नड्डा से मिलने के लिए प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और राजेंद्र राठौर दिल्ली भी पहुंच गए हैं.Also Read - चुनाव से ठीक पहले BJP ने Uttarakhand के कैबिनेट मंत्री Harak Singh Rawat को पार्टी से निकाला, जानें वजह

बता दें कि इसमें सबसे ज्यादा जिस बात पर चर्चा हो रही है वह यह है कि राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को दिल्ली तलब नहीं किया गया है. बता दें कि इन नेताओं के दिल्ली बुलाए जाने के बाद से ही राजस्थान में सियासी हलचल शुरू हो चुकी है. क्योंकि पिछली बार जब इन नेताओं को दिल्ली बुलाया गया था उस दौरान राजस्थान में सचिन पायलट कांग्रेस पार्टी से बगावत के मूड में नजर आए थे और सियासी संकट पैदा हो गया था. Also Read - हरियाणा: प्राइवेट नौकरियों में 75 प्रतिशत आरक्षण का कानून लागू,जानें किसे मिलेगा फायदा

लेकिन एक बार फिर जब इन नेताओं को दिल्ली बुलाया गया है तो सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इन्हें इस दौरान क्यों बुलाया गया है जबकि आने वाले दिनों में राजस्थान को लेकर कोई विशेष कार्यक्रम भी नहीं है. संभावना जताई जा रही है कि जेपी नड्डा राजस्थान भाजपा के साथ मीटिंग के बाद राजस्थान सरका को गिरा भाजपा प्रदेश की राजनीति में बदलाव कर सकती है. Also Read - UP Assembly Polls 2022: संजय निषाद का ऐलान- यूपी में BJP के साथ मिलकर 15 सीटों पर चुनाव लड़ेगी निषाद पार्टी