जयपुर: राजस्थान में तीन दिन से चल रही राजनीतिक हलचल के बाद पार्टी ने सचिन पायलट पर कार्रवाई करते हुए उन्हें उप मुख्यमंत्री पद से हटा दिया है. कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मंगलवार को यह जानकारी दी. पायलट को प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद से भी हटा दिया गया है. Also Read - ममता बनर्जी को 5 अगस्त को लॉकडाउन वापस न लेने की कीमत चुकानी पड़ेगी: बीजेपी

इस कार्रवाई के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजभवन जाकर राज्यपाल कलराज मिश्र से मुलाकात की. राज्यपाल से मुलाकात के बाद अशोक गहलोत ने कहा कि ये फैसला मजबूरी में करना पड़ा. उन्होंने कहा, “आखिरकार मजबूरी में हाई कमांड को फैसला करना पड़ा क्योंकि काफी समय से भाजपा षड़यंत्र कर रही थी. हम जानते थे कि ये षड़यंत्र बहुत बड़ा है होर्स ट्रडिंग हो रही है. ये स्थिति उसी वजह से पैदा हुई है. हमारे कुछ साथी गुमराह होकर दिल्ली चले गए.” Also Read - राहुल गांधी ने कहा- अर्थव्यवस्था में लोगों का विश्वास नहीं रहा, PM मोदी में मुश्किल से निपटने की योग्यता नहीं

अशोक गहलोत ने कहा, “सचिन पायलट के हाथ में कुछ भी नहीं है, जो पूरा कुनबा है वो भाजपा के हाथ में खेल रहा है. रिजॉर्ट बुक किया गया है, सारी व्यवस्था भाजपा की है. जो टीम पहले मध्य प्रदेश में व्यवस्था कर रही थी वही टीम इस बार व्यवस्था कर रही है.” बता दें कि सचिन पायलट की जगह गोविंद सिंह डोटासरा को कांग्रेस की राजस्थान इकाई का नया अध्यक्ष बनाया गया है. Also Read - सुशांत सिंह राजपूत ने सुसाइड नहीं की थी, मर्डर हुआ था, किसी को बचा रही है महाराष्‍ट्र सरकार: पूर्व CM राणे

सचिन पायलट पर निशाना साधते हुए राजस्थान के CM अशोक गहलोत ने कहा, “उनका जो रवैया रहा है 6 महीने से “आ बैल मुझे मार” जैसा रहा है. रोज ट्वीट करना स्टेटमेंट देना. विधायकों के साथ मैंने कोई भेदभाव नहीं किया. खुशी किसी को नहीं है. पूरे प्रयास किए गए पर फिर भी देखा गया कि सौदे हो चुके हैं भाजपा के साथ नजदीकियां बढ़ चुकी हैं.”