नई दिल्ली: राजस्थान में पिछले एक माह से चल रहा सियासी संकट ख़त्म हो गया है. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात के बाद सचिन पायलट की ओर से गतिरोध खत्म हो गया है. सचिन खेमे के विधायक गुडगाँव से वापस जयपुर लौट गए हैं. वहीं, बगावती तेवर के बाद सचिन पायलट पहली बार आज खुद मीडिया के सामने आए हैं. इस दौरान सचिन पायलट ने पार्टी और अपनी नाराजगी को लेकर कई बातें कही हैं. Also Read - मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने किसानों का कर्ज माफ किया, भाजपा ने झूठ बोला, सच सामने आया: राहुल गांधी

सचिन पायलट ने कहा कि हमने जो बात उठाई उसमें देशद्रोह का मुकदमा भी था, जो राजस्थान एसओजी ने मेरे ऊपर किया था. काम करने के तरीके को लेकर भी मुझे नाराजगी थी. Also Read - चिकित्सा जांच के बाद स्वदेश लौटीं सोनिया गांधी, राहुल भी वापस आए

सचिन पायलट ने कहा कि इस बीच बहुत कुछ देखने और सुनने को मिला है. हम सब कांग्रेस सरकार में भागीदार हैं. लोग जो भी कहें लेकिन हम जीत कर आए थे. हमें कई बिन्दुओं पर आपत्तियां थीं. मैंने आलाकमान के सामने अपनी बात रखी है. सचिन पायलट ने प्रियंका गांधी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने मेरी बात पूरे धैर्य से सुनी है, इसके लिए उन्हें धन्यवाद. Also Read - दिल्ली: प्रियंका गांधी से मिले डॉ. कफील खान, पत्नी व बच्चे भी रहे साथ

डिप्टी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष का पद जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी पद देती है तो ले भी सकती है. मुझे पद की कोई लालसा नहीं है. हम सरकार में हैं. हम जीत कर आए थे. इसलिए जो वादे राजस्थान की जनता से किए थे, वो निभाने पड़ेंगे. सचिन पायलट ने कहा कि कुछ बातें उन्होंने सुनी जिससे आश्चर्य हुआ. हमेशा गरिमा बनाए रखी जानी चाहिए. मैंने पार्टी में 18-20 साल से सहयोग किया है. राजनीती में व्यक्तिगत दुर्भावना को कोई जगह नहीं है. संयम बनाये रखना चाहिए. मुझे ख़ुशी है कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित कांग्रेस आलाकमान ने हमारी बातों को विस्तार से सुना. ये बातें उठाना बहुत ज़रूरी था.