नई दिल्‍ली: राजस्‍थान में कांग्रेस सरकार को तथाकथित गिराने की कोशिश की वायरल हुई ऑडियो क्‍लिपों को अब पुलिस फॉरेसिंक जांच के लिए भेजा जाएगा. पुलिस रिपोर्ट आने के बाद आरोपी बनाए गए नेताओं के आवाज के नमूने. राजस्‍थान एंट्री करप्‍शन ब्‍यूरो के महानिदेशक ने यह बात आज शनिवार को कही है. Also Read - बीजेपी की पूर्व MLA पारुल साहू कांग्रेस में शामिल, मंत्री के खिलाफ लड़ सकती हैं चुनाव

राजस्‍थान भ्रष्‍टाचार निरोधक ब्‍यूरो (ACB) के महानिदेशक आलोक त्रिपाठी ने बताया कि महेश जोशी ने 10 जून को एक शिकायत दर्ज कराई थी कि विधायकों को लुभाया जा रहा है. इस शिकायत में कोई नाम नहीं था. कल उन्‍होंने एक स्‍टेटमेंट दिया है और ऑडियो क्‍लिप्‍स सौंपीं हैं. एफआईआर दर्ज की गई है. उनके बयान में, उन्‍होंने ने तीन लोगों- भंवर लाल, संजय जैन और गजेंद्र सिंह का नाम लिया है. Also Read - ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्‍य प्रदेश के सबसे बड़े भूमाफिया: पूर्व केंद्रीय मंत्री

ACB के डीजी आलोक त्रिपाठी ने बताया कि एफआईआर भ्रष्‍टाचार निरोधक कानून के एक्‍ट 7ए के तहत धारा 7 के अंतर्गत दर्ज की गई है. सत्यापन के लिए ऑडियो क्लिप एफएसएल को भेजे जाएंगे. रिपोर्ट आने और यह सत्यापित होने के बाद हम कथित लोगों को वॉयस टेस्ट से गुजरेंगे.

राजस्‍थान सरकार इस मामले की जांच एसओजी से करवा रही है, जबकि बीजेपी ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है.

बता दें कि राजस्थान पुलिस ने दो ऑडियो क्लिप के सिलसिले में प्राथमिकी दर्ज की है, जिसमें कथित तौर पर कुछ लोगों को राज्य की कांग्रेस नीत सरकार को गिराने की साजिश के बारे में बात करते हुए सुना जा सकता है. इसी सिलसिले में जांच के तहत राजस्थान पुलिस के विशेष कार्य बल (एसओजी) का एक दल शुक्रवार को विधायक भंवरलाल शर्मा से पूछताछ करने गुड़गांव के मानेसर पहुंचा था.

कांग्रेस ने यह आरोप भी लगाया है कि वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की भी इस कथित क्लिप में आवाज है] जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. हालांकि, एसओजी द्वारा दर्ज प्राथमिकी में ‘गजेंद्र सिंह’ नामक व्यक्ति की पहचान किसी मंत्री के रूप में दर्ज नहीं है.