नई दिल्‍ली/जयपुर: राजस्थान में विद्रोही तेवर अपनाने वाले कांग्रेस सरकार में उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की टीम ने सोमवार को पहला वीडियो जारी किया है. उनके खेमे के अन्य विधायक हरियाणा के मानेसर स्थित एक रिसॉर्ट में रणनीति बनाते हुए नजर आ रहे हैं. जबकि इसी वक्‍त पर जयपुर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खेमे के विधायक मंगलवार सुबह 10 बजे प्रस्तावित कांग्रेस की बैठक के लिए फेयरमोंट होटल में अपनी रणनीति पर चर्चा करते हुए नजर आए थे. Also Read - रक्षा बंधन पर हरियाणा के मुख्यमंत्री ने की घोषणा, राज्य में खुलेंगे 11 कॉलेज

पायलट खेमे के इस वीडियो में उतने विधायकों की संख्‍या नजर नहीं आ रही है, जितने दावा किए जा रहे हैं. सचिन पायलट की ओर से अपने पक्ष में 30 विधायक होने का दावा किया है. वहीं, मुख्‍यमंत्री गहलोत ने सोमवार को विधायक दल की मीटिंग के दौरान ही दावा कर दिया था है कि उनके पास जरूरी संख्‍या बल है और उनकी सरकार सुरक्षित है. Also Read - गरीब एवं जरूरतमंद तबके की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार का महत्वपूर्ण दायित्व है : गहलोत

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दीपेन्द्र सिंह शेखावत ने शक्ति परीक्षण की मांग की
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दीपेंद्र सिंह शेखावत ने सोमवार को राजस्थान विधानसभा में जल्द से जल्द शक्ति परीक्षण की मांग की ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट के समर्थन में कितने विधायक है. उन्होंने पायलट गुट की ओर से यह भी स्पष्ट किया कि वे कांग्रेस नहीं छोडना चाहते और यदि असहाय की स्थिति उत्पन्न होती है तो भी वे भाजपा में शामिल नहीं होंगे.

असहाय की स्थिति उत्पन्न होती है तो भी वे भाजपा में शामिल नहीं होंगे
शेखावत ने कहा, ”हम जल्द से जल्द शक्ति परीक्षण चाहते है, जिससे स्थिति स्पष्ट होगी. हम कांग्रेस और कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट के साथ है.’’ उन्होंने कहा कि ‘ मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि हम भाजपा में शामिल नहीं होंगे और कांग्रेस को नहीं छोड़ना चाहते और यदि असहाय की स्थिति उत्पन्न होती है तो भी वे भाजपा में शामिल नहीं होंगे. जब उनसे पूछा गया कि क्या पायलट गुट नई पार्टी बनाने पर विचार कर रहा है तो उन्होंने कहा कि अभी तक हमने कुछ भी नहीं सोचा है लेकिन हम भाजपा के साथ नहीं जाएगे. हम सिर्फ नेतृत्व परिवर्तन के बारे में बात कर रहे है.

मुख्‍मंत्री की बैठक में मौजूद विधायक दिल से और आत्‍मा से उनके साथ नहीं थे
शेखावत ने कहा, ”लगभग 30 विधायक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट के समर्थन में है. यह संख्या 30 से अधिक भी हो सकती है. यदि सदन में शक्ति परीक्षण होता है तो यह स्पष्ट हो सकेगा.” शेखावत ने कहा कि लोगो ने देखा है कि राजनीतिक दबाव में क्या हो सकता है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक में विधायक मौजूद थे, लेकिन वो अपने दिल और आत्मा से वहां नहीं थे. उन्होंने कहा कि गहलोत गुट के समर्थन में 109 विधायक थे या नहीं यह सदन में शक्ति परीक्षण से स्पष्ट हो सकेगा.