नई दिल्ली. राजस्थान विधानसभा चुनाव के अब तक आए नतीजों में भाजपा यहां से सत्ता गंवा बैठी है. कांग्रेस 18 सीटें जीतकर एक बार फिर इस मरु-प्रदेश में सरकार बनाने जा रही है. कांग्रेस की तरफ से हालांकि सीएम पद के लिए अभी तक किसी नेता का चुनाव नहीं किया गया है. लेकिन पूर्व सीएम अशोक गहलोत, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट की जीत के बाद, उनके समर्थक अपने-अपने नेताओं के सीएम पद पर काबिज होने का अनुमान लगा रहे हैं. हालांकि अशोक गहलोत ने चुनावी जीत के बाद यह बात ही दोहराई कि राजस्थान के सीएम पद का फैसला पार्टी की विधायक दल की बैठक में होगा. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक होनी है, इसमें ही पार्टी की तरफ से सीएम पद के उम्मीदवार का फैसला होगा.

Rajasthan Assembly Election Results 2018: कांग्रेस 100 से ज्यादा सीटों पर बढ़त के साथ स्पष्ट बहुमत की ओर

सियासी जानकारों की मानें तो राजस्थान में कांग्रेस की तरफ से प्रत्यक्ष तौर पर मुख्यमंत्री पद के मुख्यतः दो ही दावेदार थे- अशोक गहलोत और सचिन पायलट. अशोक गहलोत ने जहां सरदारपुरा विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी शंभू सिंह को 44 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया है. वहीं सचिन पायलट ने टोंक विधानसभा सीट से अपने विरोधी उम्मीदवार भाजपा के राजस्थान में एकमात्र मुस्लिम प्रत्याशी युनुस खान को 54 हजार से ज्यादा मतों से पराजित किया है. लेकिन सियासी गलियारों में कांग्रेस की तरफ से दो और नेताओं के नाम सीएम पद की रेस में माने जा रहे थे. इनमें गिरिजा व्यास और सी.पी. जोशी के नाम शामिल हैं. अभी तक के आए नतीजों के मुताबिक अशोक गहलोत और सचिन पायलट चुनाव जीत चुके हैं. वहीं सी.पी. जोशी और गिरिजा व्यास अपनी-अपनी सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं. चुनाव अभियान के दौरान जिस तरह गहलोत और पायलट के समर्थकों के बीच अपने-अपने नेताओं को सीएम पद की होड़ में शामिल कराने की चर्चाएं चल रही थीं, उसको देखते हुए पार्टी विधायक दल की बैठक पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं.