जयपुर: राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार राज्य के माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा के लिए पहली बार कंप्यूटर शिक्षक का पद सृजित करने जा रही है. स्कूलों में अब तक इसके लिए कोई अलग से कंप्यूटर शिक्षक का संवर्ग नहीं था और यह काम अन्य विषयों के प्रशिक्षित अध्यापक ही करवा रहे थे. Also Read - Rajasthan: माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का बड़ा फैसला, बिना परीक्षा के पास किए जाएंगे कक्षा 6 और 7 के छात्र

विशेषज्ञों ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा है कि इससे न केवल युवाओं के लिए कंप्यूटर शिक्षा के रूप में रोजगार के नये अवसर सामने आ सकते हैं बल्कि विद्यार्थी भी कंप्यूटर शिक्षा को वैकल्पिक विषय के रूप में लेने को प्रोत्साहित होंगे. शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के अनुसार स्कूली बच्चों के लिए कम्प्यूटर शिक्षा की अनिवार्यता को देखते हुए राज्य सरकार ने यह फैसला किया है और इस वर्ष की बजट घोषणा के तहत कम्प्यूटर शिक्षक का अलग से संवर्ग सृजित किया जाए. यह विषय इसी हफ्ते राज्य विधानसभा में उठा तो डोटासरा ने कहा कि राज्य में अब तक कम्प्यूटर शिक्षक का कोई संवर्ग नहीं होने से यह विषय अन्य प्रशिक्षित अध्यापकों द्वारा पढ़ाया जाता है. Also Read - Corona Guidelines for Navratri and Ramadan 2021: यूपी, बिहार से लेकर महाराष्ट्र तक, जानिए इन 6 राज्यों में नवरात्र और रमजान को लेकर क्या हैं नियम?

उन्होंने कहा कि 11वीं कक्षा में किसी भी संकाय के विद्यार्थी कम्प्यूटर विषय ले सकते हैं. लेकिन कम्प्यूटर शिक्षक का कोई संवर्ग नहीं होने के कारण यह संभव नहीं था. अब बजट घोषणा के तहत कम्प्यूटर शिक्षक का नया संवर्ग सृजित होने के बाद 11वीं के विद्यार्थी भी कम्प्यूटर विषय ले सकेंगे. सरकार की ओर से विधानसभा में एक लिखित जवाब में बताया गया कि राज्य में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन संचालित 3464 माध्यमिक (सेकेंडरी) और 11137 उच्च माध्यमिक (हायर सेकेंडरी) विद्यालयों में नौंवी व दसवीं कक्षा में कम्प्यूटर विज्ञान विषय पढ़ाया जा रहा है. Also Read - Communal violence in Baran, Rajasthan: राजस्थान के बारां में सांप्रदायिक हिंसा, कर्फ्यू लगाया गया, इंटरनेट सेवा निलंबित

माध्यमिक शिक्षा निदेशक सौरभ स्वामी ने भाषा को बताया कि फिलहाल शिक्षक सेवा भर्ती में कम्प्यूटर शिक्षक पदनाम संवर्गित (कैडर) नहीं है इसलिए कम्प्यूटर विज्ञान विषय सम्बद्ध विद्यालय में कार्यरत गणित अथवा विज्ञान के कम्प्यूटर में विभागीय स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक या आरकेसीएल, आरएससीआईटी प्रमाण पत्र प्राप्त शिक्षक पढ़ाते हैं. उन्होंने कहा कि कंप्यूटर शिक्षा का कैडर सृजित करने का सरकार का कदम स्कूली शिक्षा में कंप्यूटर विज्ञान विषय को बढ़ावा देने में महत्ती योगदान करेगा. उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गत सप्ताह अपने बजट भाषण में घोषणा की थी कि माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा के लिए नये ‘कंप्यूटर शिक्षक’ का नया कैडर बनाया जाएगा.हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस कैडर पर नयी भर्तियां की जाएंगी या मौजूदा प्रशिक्षित शिक्षकों को ही इस कैडर में स्थानांतरित किया जाएगा.

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इस बजट घोषणा के संबंध में औपचारिकताएं अभी तय की जानी हैं. गहलोत ने अगले वित्त वर्ष में 53,181 नयी भर्तियां करने की घोषणा की, जिसमें सबसे अधिक 41000 भर्तियां शिक्षा विभाग में होंगी. जानकारों के अनुसार हो सकता है कि सरकार इन भर्तियों में कंप्यूटर शिक्षकों के लिए अलग पदनाम सृजित कर दे. गौरतलब है कि शिक्षा विभाग ने कम्प्यूटर शिक्षकों के 14,601 पदों की जरूरत बताई गई है.