जयपुर। राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को वन और पर्यावरण मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने बताया कि जिओटैगिंग के माध्यम से पौधों की स्थिति पर निगरानी रखने के प्रयास किए जा रहे हैं. खींवसर ने भाजपा की अल्का गुर्जर के मूल प्रश्न के जवाब में बताया कि जिस ढंग से मुख्यमंत्री जल स्वालम्बन अभियान के तहत जल स्त्रातों और कार्य स्थल की निगरानी जिओटैंगिग के आधार पर हो रही है. Also Read - Lockdown in Rajasthan: अब राजस्थान में 31 दिसंबर तक लगा लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू, नहीं खुलेंगे स्कूल, देखें नई गाइडलाइन

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खींवसर ने बताया कि उसी तर्ज पर पौधारोपण की स्थिति की निगरानी भी जिओटैगिंग की तर्ज पर करने के प्रयास किये जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि कि वर्ष 2014 से 2018 तक 3650 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण का कार्य किया गया. Also Read - Agra Mumbai National Highway Blocked: मेधा पाटकर को उत्तर प्रदेश की सीमा में जाने से रोका, मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग बंद

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इसमें 474 लाख रुपये व्यय कर 11.38 लाख पौधे लगाए गए. उन्होंने कहा कि पौधों का जीवन मानसून की स्थिति पर निर्भर करता है.