जयपुर: राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने शुक्रवार को कहा कि संवैधानिक मर्यादा से ऊपर कोई नहीं होता है और किसी प्रकार की दबाव की राजनीति नहीं होनी चाहिए. राजभवन की ओर से राज्यपाल मिश्र का यह बयान शुक्रवार की रात को जारी किया गया. उल्लेखनीय है कि कांग्रेस और उसके समर्थक विधायक विधानसभा सत्र बुलाए जाने की मांग को लेकर शुक्रवार की दोपहर राज्यपाल से मिले और राजभवन में धरने पर भी बैठे. राज्यपाल के बयान को इसी संदर्भ में देखा जा रहा है.Also Read - Rajasthan Marriage Guidelines: राजस्थान की शादियों में गेस्ट की संख्या को लेकर नई गाइडलाइंस जारी, जानें अपडेट

इस बयान के अनुसार, ‘‘राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा है कि संवैधानिक मर्यादा से ऊपर कोई नहीं होता है. उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की दबाव की राजनीति नहीं होनी चाहिए.’’ Also Read - अलवर कांड: नाबालिग से रेप केस की जांच CBI से कराई जाएगी, राजस्थान सरकार का फैसला

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बयान के अनुसार, ‘‘राज्य सरकार ने 23 जुलाई, 2020 की रात को विधानसभा के सत्र को अत्यन्त ही अल्प नोटिस के साथ आहूत किये जाने की पत्रावली पेश की. पत्रावली में गुण दोषों के आधार पर राजभवन द्वारा परीक्षण किया गया तथा विधि विशेषज्ञों द्वारा परामर्श प्राप्त किया गया. इसके बाद राजभवन ने कुछ बिंदु उठाते हुए राज्य सरकार के संसदीय कार्य विभाग से कहा कि वह इन बिंदुओं के आधार पर स्थिति पेश करे.’’

बयान के अनुसार राजभवन द्वारा जिन छह बिंदुओं को उठाया गया है उनमें से एक यह भी है कि राज्य सरकार का बहुमत है तो विश्वास मत प्राप्त करने के लिए सत्र आहूत करने का क्या औचित्य है? इसके साथ ही इसमें कहा गया है कि विधानसभा सत्र किस तिथि से आहूत किया जाना है, इसका उल्लेख कैबिनेट नोट में नहीं है और न ही कैबिनेट द्वारा कोई अनुमोदन प्रदान किया गया है.

वहीं राजस्थान सियासी संकट के बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भाजपा पर राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार को गिराने का षड्यंत्र रचने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कहा कि राज्यपाल कलराज मिश्र को विधानसभा का सत्र बुलाना चाहिए ताकि सच्चाई देश के सामने आ सके.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘देश में संविधान और क़ानून का शासन है. सरकारें जनता के बहुमत से बनती व चलती हैं.राजस्थान सरकार गिराने का भाजपाई षड्यंत्र साफ़ है. ये राजस्थान के आठ करोड़ लोगों का अपमान है.’’

कांग्रेस नेता कहा, ‘‘राज्यपाल महोदय को विधानसभा सत्र बुलाना चाहिए ताकि सच्चाई देश के सामने आए.’’ गौरतलब है कि विधानसभा सत्र की मांग को लेकर कांग्रेस और उसके समर्थक विधायकों ने राजभवन में धरना दिया, हालांकि राज्यपाल के आश्वासन के बाद यह धरना शुक्रवार की रात समाप्त हो गया.

ये विधायक विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का सामूहिक आग्रह करने के लिए राज्यपाल से मिलने गए थे और उसके बाद वहां धरने पर बैठ गए. राज्यपाल ने कांग्रेस विधायकों को आश्वस्त किया है कि वह इस मामले में किसी दबाव और द्वेष के बिना संविधान का अनुपालन करेंगे.