जयपुर: गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा रविवार से प्रस्तावित आंदोलन के बीच गुर्जर नेताओं के एक प्रतिनिधि मंडल ने शनिवार को यहां सरकार के साथ वार्ता की. इस वार्ता में दोनों पक्षों में 14 बिंदुओं पर सहमति बनी. बैठक में शामिल हुए गुर्जर नेता हिम्मत सिंह ने बातचीत को सकारात्मक बताते हुए कहा कि इससे समाज संतुष्ट होगा और उसे आंदोलन की जरूरत नहीं पड़ेगी. बैठक में हालांकि कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला शामिल नहीं हुए.Also Read - दुनिया का सबसे बड़ा राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगा' पाक बॉर्डर के पास प्रदर्शित किया गया

यहां सचिवालय में मंत्रिमंडलीय उपसमिति व गुर्जर नेताओं के प्रतिनिधि मंडल की लगभग सात घंटे चली बैठक के बाद रात में आयोजित ज्‍वाइंट प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने उन 14 बिंदुओं को पढ़कर सुनाया जिन पर सहमति बनी है. युवा मामले व खेल राज्य मंत्री अशोक चांदना ने कहा कि समझौते के बिंदुओं की पालना तुरंत प्रभाव से की जाएगी. Also Read - Rajasthan: अलवर की 15 साल की लड़की के साथ निर्भया जैसी बर्बरता? निजी अंगों में गंभीर चोट, ढाई घंटे चला ऑपरेशन

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वहीं गुर्जर नेता हिम्मत सिंह ने सरकार के साथ बातचीत को सकारात्मक बताते हुए कहा कि सरकार को इन बिंदुओं पर तय समय के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए ताकि गुर्जर समाज को आगे आंदोलन की राह नहीं पकड़नी पड़े. उन्होंने कहा कि समाज संतुष्ट होगा तो आगे आंदोलन नहीं होगा.

बैठक में गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला शामिल नहीं हुए. इस पर हिम्मत सिंह ने कहा कि अगर सरकार के साथ 14 बिंदुओं पर बनी सहमति से समाज संतुष्ट होता है तो बैंसला भी संतुष्ट होंगे.

बता दें बैंसला ने समाज के लोगों से एक नवंबर यानी कल रविवार को बयाना के पीलूपुरा पहुंचने को कहा है. इस बीच संभावित आंदोलन को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क है. कई जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं तो गृह विभाग ने भरतपुर, धौलपुर, सवाई माधोपुर, दौसा, टोंक, बूंदी, झालावाड़ व करौली जिले में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू कर दिया है.