नई दिल्‍ली: देश के विभिन्‍न राज्‍यों में लॉकडॉउन में फंस प्रवासी मजदूरों को ट्रेन से भेजने पर किराए को लेकर अभी तक सियासत थमी नहीं है. अब मंगलवार को राजस्‍थान के एक मंत्री ने बयान दिया. मंत्री ने दावा किया है कि राजस्‍थान सरकार ने किसी भी प्रवासी मजदूर से ट्रेन का का किराया नहीं लिया है. Also Read - दिल्ली में Coronavirus के 412 नए केस के साथ आंकड़ा 14,465, अब मृतक संख्या 288

राजस्‍थान के ट्रांसपोर्ट मिनिस्‍टर प्रताप सिंह खचरियावास ने कहा, राजस्थान सरकार ने किसी भी प्रवासी श्रमिक ट्रेन का किराया नहीं लिया है. सोनिया गांधी जी द्वारा घोषणा के बाद, हम उन्हें उनके गृह राज्यों में वापस भेज देंगे. Also Read - आईसीएमआर का दावा, कोरोना वायरस वैक्सीन का मनुष्यों पर टेस्टिंग में लग सकते हैं 6 महीने

बता दें कि लॉकडाउन की वजह से अलग -अलग राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने के मुद्दे पर सोमवार को राजनीतिक वाद-विवाद शुरू हो गया था. एक ओर कांग्रेस ने फंसे हुए प्रवासी कामगारों से धन वसूलने का आरोप लगाते हुए घर लौट रहे प्रवासी मजदूरों का किराया देने का प्रस्ताव किया, वहीं, दूसरी ओर, भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि रेलगाड़ियों से लौट रहे मजदूरों की यात्रा का 85 प्रतिशत खर्च रेलवे वहन कर रहा है और केवल 15 प्रतिशत राशि राज्य सरकारों से ली जा रही है.

भाजपा ने कांग्रेस पर लोगों की अव्यवस्थित आवाजाही को प्रोत्साहित करने का आरोप लगाया था और कहा था कि इससे कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैलेगा जैसा कि इटली में देखा गया. पार्टी ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी यही चाहती हैं?

कांग्रेस के अलावा माकपा, नेशनल कांफ्रेंस और लोकतांत्रिक जनता दल सहित अन्य विपक्षी पार्टियों ने भी मजदूरों के अपने पैतृक स्थान लौटने का खर्च वहन नहीं कर पाने की खबरों के बीच केंद्र सरकार की आलोचना की थी.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार और भारतीय रेलवे पर आरोप लगाया कि उन्होंने प्रवासी कामगारों और मजदूरों को सुरक्षित और मुफ्त यात्रा सुनिश्चित कराने की कांग्रेस की मांग की अनदेखी की. उन्होंने सोमवार को घोषणा की कि पार्टी की राज्य इकाइयां देश के विकास में योगदान देने वाले इन प्रवासियों के प्रति एकजुटता प्रकट करने के लिए विभिन्न इलाकों में फंसे जरूरतमंद प्रवासियों को अपने घर जाने के लिए रेल किराये पर होने वाले खर्च में मामूली योगदान देंगी.

कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी सोनिया गांधी द्वारा सरकार पर किए गए हमले का समर्थन किया और मांग की कि गरीब लोगों से पैसा वसूलने के बजाय उन्हें मुफ्त में वापस लाया जाए. उन्होंने प्रधानमंत्री केयर्स फंड का इस्तेमाल प्रवासियों को लाने में करने की भी मांग की.

बता दें कि लॉकडाउन के कारण फंसे श्रमिकों से रेलवे द्वारा कथित तौर पर भाड़ा लिए जाने की आलोचना होने के बीच सोमवार को कहा कि अब तक चलाई गई 45 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के लिए महाराष्ट्र, केरल और कर्नाटक को छोड़कर विभिन्न राज्य सरकारों ने भुगतान किया है.