जयपुर: कोरोना वायरस महामारी के चलते श्रमिकों के बढ़ाए गए काम के घंटों को राजस्‍थान ने कम करके फिर से आठ घंटे प्रतिदिन कर दिया है. राजस्थान सरकार ने मंगलवार को कारखानों में कामगारों के लिए काम के घंटे घटाकर फिर आठ घंटे प्रतिदिन कर दिए हैं. Also Read - राजस्थान सरकार का फैसला, ग्रामीण क्षेत्रों में 1 जुलाई से छोटे मंदिर फिर से खुलेंगे

राज्य सरकार ने कोरोनो वायरस संक्रमण के फैलने के मद्देनजर 24 अप्रैल को सभी पंजीकृत कारखानों में कामगारों की आवश्यकता को कम करने के लिए काम के घंटे को 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे प्रतिदिन कर दिया था. Also Read - Coronavirus in Rajasthan Update: 24 घंटे में 121 नए मामले, कोविड-19 से अब तक 400 से अधिक लोगों की मौत

राजस्थान के श्रम मंत्री टीकाराम जोली ने बताया कि पंजीकृत कारखानों में काम के घंटे को चार घंटे तक बढ़ाने की अनुमति शनिवार को वापस ले ली गई. Also Read - राजस्थान सरकार ने बदला 14 दिन के अनिवार्य होम क्वारंटाइन का नियम, अब दूसरे प्रदेश से गए तो...

श्रम मंत्री ने बताया कि लगभग सभी कारखाने वर्तमान में कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के दौरान संचालित किए जा रहे हैं. श्रमिकों की आवाजाही भी शुरू हो गई है और पास की आवश्यकता नहीं है. ग्रीन, ऑरेंज जोन आदि कई क्षेत्रों सार्वजनिक परिवहन भी शुरू हो गया है.

श्रम मंत्री ने बताया कि कारखाना प्रबंधन और वहां काम करने वाले कर्मचारी केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा जारी सुरक्षा मानकों और सामाजिक दूरियों के दिशा निर्देशों के अनुसार काम कर रहे हैं.

बता दें कि राजस्थान सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण महामारी को ध्यान में रखते हुए कारखानों में काम करने वालों (श्रमिकों) की आवश्यकता को कम करने के लिए काम के घंटों को प्रतिदिन 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे करने की अनुमति 24 अप्रैल को दी थी.

सभी पंजीकृत कारखानों में उत्पादन के लिए श्रमिकों की न्यूनतम उपस्थिति सुनिश्चित करने के दोहरे उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए कारखाना अधिनियम, 1948 के अनुसार सामान्य रूप से प्रतिदिन काम करने के आठ घंटे के स्थान पर प्रतिदिन अधिकतम 12 घंटे काम करने की अनुमति देने के लिए छूट दी गई है.