जयपुर: कोरोना वायरस महामारी के चलते श्रमिकों के बढ़ाए गए काम के घंटों को राजस्‍थान ने कम करके फिर से आठ घंटे प्रतिदिन कर दिया है. राजस्थान सरकार ने मंगलवार को कारखानों में कामगारों के लिए काम के घंटे घटाकर फिर आठ घंटे प्रतिदिन कर दिए हैं.Also Read - Delhi, Mumbai में घटी कोरोना की रफ्तार, कर्नाटक में बड़ी संख्‍या में आए केस, देखें अपने राज्य का अपडेट

राज्य सरकार ने कोरोनो वायरस संक्रमण के फैलने के मद्देनजर 24 अप्रैल को सभी पंजीकृत कारखानों में कामगारों की आवश्यकता को कम करने के लिए काम के घंटे को 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे प्रतिदिन कर दिया था. Also Read - दुनिया का सबसे बड़ा राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगा' पाक बॉर्डर के पास प्रदर्शित किया गया

राजस्थान के श्रम मंत्री टीकाराम जोली ने बताया कि पंजीकृत कारखानों में काम के घंटे को चार घंटे तक बढ़ाने की अनुमति शनिवार को वापस ले ली गई. Also Read - Rajasthan: अलवर की 15 साल की लड़की के साथ निर्भया जैसी बर्बरता? निजी अंगों में गंभीर चोट, ढाई घंटे चला ऑपरेशन

श्रम मंत्री ने बताया कि लगभग सभी कारखाने वर्तमान में कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के दौरान संचालित किए जा रहे हैं. श्रमिकों की आवाजाही भी शुरू हो गई है और पास की आवश्यकता नहीं है. ग्रीन, ऑरेंज जोन आदि कई क्षेत्रों सार्वजनिक परिवहन भी शुरू हो गया है.

श्रम मंत्री ने बताया कि कारखाना प्रबंधन और वहां काम करने वाले कर्मचारी केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा जारी सुरक्षा मानकों और सामाजिक दूरियों के दिशा निर्देशों के अनुसार काम कर रहे हैं.

बता दें कि राजस्थान सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण महामारी को ध्यान में रखते हुए कारखानों में काम करने वालों (श्रमिकों) की आवश्यकता को कम करने के लिए काम के घंटों को प्रतिदिन 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे करने की अनुमति 24 अप्रैल को दी थी.

सभी पंजीकृत कारखानों में उत्पादन के लिए श्रमिकों की न्यूनतम उपस्थिति सुनिश्चित करने के दोहरे उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए कारखाना अधिनियम, 1948 के अनुसार सामान्य रूप से प्रतिदिन काम करने के आठ घंटे के स्थान पर प्रतिदिन अधिकतम 12 घंटे काम करने की अनुमति देने के लिए छूट दी गई है.