जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने पर जल्द ही फैसला करेगी. राज्य विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए गहलोत ने कहा, राजस्थान सरकार जल्द ही फैसला करने जा रही है. हम राज्य में 10 प्रतिशत आरक्षण लागू करेंगे.’ गहलोत ने कहा, मुझे खुशी है कि अभी इस आशय का संविधान संशोधन विधेयक संसद में पारित हुआ है. मैं सदन को बताना चाहूंगा कि हम अतिशीघ्र एक फैसला करने जा रहे हैं. दस प्रतिशत आरक्षण राजस्थान में लागू करेंगे. Also Read - राजस्थान सरकार का फैसला, ग्रामीण क्षेत्रों में 1 जुलाई से छोटे मंदिर फिर से खुलेंगे

गहलोत ने संसद में पारित उस विधेयक का जिक्र करते हुए यह बात कही, जिसके तहत सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को सरकारी नौकरियों व शिक्षण संस्थानों में दाखिले में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है. इससे पहले नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने यह मुद्दा उठाया था. Also Read - Coronavirus in Rajasthan Update: 24 घंटे में 121 नए मामले, कोविड-19 से अब तक 400 से अधिक लोगों की मौत

कर्जमाफी को लेकर विपक्ष का बर्हिगमन
राजस्थान में विपक्षी भाजपा के सदस्यों ने किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे पर हंगामा करने के बाद विधानसभा से बर्हिगमन किया. प्रश्नकाल के दौरान भाजपा सदस्यों ने किसान कर्जमाफी पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाया और सरकार के जवाब पर असंतोष जताते हुए बर्हिगमन किया. Also Read - राजस्थान सरकार ने बदला 14 दिन के अनिवार्य होम क्वारंटाइन का नियम, अब दूसरे प्रदेश से गए तो...

किस तारीख तक माफ हो जाएगा कर्ज
भाजपा के विधायक हमीर सिंह ने पूरक प्रश्न के जरिए सरकार से जानना चाहा कि किसानों का कर्ज किस तारीख तक माफ हो जाएगा और उनके खातों में पैसा कब पहुंचेगा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सरकार बनने के दस दिन के अंदर कर्जमाफी करने की घोषणा की थी. इसके जवाब में सहकारिता मंत्री उदय लाल आंजना ने कहा कि लाभान्वितों की पात्रता का फैसला किया जा रहा है और उसके बाद कर्जमाफी की जाएगी.

क्या 10 दिन में कर्जमाफी हुई
सहकारिता मंत्री आंजना के बयान पर हस्तक्षेप करते हुए नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि कांग्रेस ने दस दिन में कर्जमाफी की घोषणा की थी और क्या कर्जमाफी हुई?

जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने लगाए विरोध में नारे
मंत्री ने अपना जवाब दोहराया और कहा कि मुख्यमंत्री ने दस दिन के बजाय दो दिन में ही कर्जमाफी की घोषणा कर दी. इस जवाब से असंतुष्टि जताते हुए भाजपा सदस्य आसन के समक्ष आ कर सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे. इसके बाद कटारिया ने कहा कि विपक्ष सरकार के जवाब से असंतुष्ट हैं और वे विरोध में बर्हिगमन कर रहे हैं.