जयपुर: राजस्थान में अलवर जिले के बहरोड थाने में शुक्रवार को 10-15 बदमाशों ने एके-47 से अंधाधुंध गोलियां चलायीं और हाजत में बंद अपने साथी को छुड़ा ले गए. बता दें कि पपला का जेल से फरार होने का इतिहास रहा है. पपला हरियाणा का सबसे वांछित गैंगेस्टर है. हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के खेरोली गांव के निवासी विक्रम गुज्जर को छुड़ाने के लिए एक दर्जन से ज्यादा हथियारबंद अपराधियों ने पुलिस थाने पर हमला किया और उस सेल को तोड़ दिया जहां गुज्जर को रखा गया और उसे लेकर फरार हो गए. अपराधियों के पास एके-47 राइफल्स भी थी. उन्होंने पुलिसकर्मियों को आतंकित करने के लिए अंधाधुध फायरिंग की.बता दें कि इससे पहले गुज्जर 14 कैदियों के साथ 28 सितंबर 2000 को जिला जेल से खिड़की तोड़कर फरार हो गया था. इसमें उसे बाहर से मदद मिली थी. Also Read - Encounter in UP: प्रयागराज में यूपी STF ने मुख्‍तार अंसारी गैंग के दो शूटरों को किया ढेर

जयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक एस. सैंगाथीर ने बताया कि आज सुबह करीब 10-15 लोग थाने में घुस आए और एके-47 से अंधाधुंध गोलियां चलायीं. बदमाश अपने साथी कुख्यात अपराधी विक्रम गुर्जर उर्फ पपला गुर्जर (28) को लेकर दो गाड़ियों में फरार हो गए. बदमाशों ने करीब 45 गोलियां चलायीं, हालांकि घटना में कोई घायल नहीं हुआ है. उन्होंने बताया कि आज सुबह ही बहरोड पुलिस ने गश्त के दौरान एक एसयूवी को रोका और तलाशी के दौरान करीब 33 लाख रुपये मिलने के बाद वाहन में बैठे विक्रम गुर्जर को हिरासत में लिया. Also Read - Haryana Reservation News: हरियाणा में प्राइवेट सेक्टर की 75% नौकरियां राज्य के युवाओं के लिए आरक्षित, जानें पूरी खबर

सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही
उन्होंने बताया कि तीन वाहन स्कार्पियो, आई—20 और स्विफट डिजायर तथा करीब 33 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं. सैंगाथीर ने बताया कि फरार बदमाशों की तलाश के लिये सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है. इलाके की नाकाबंदी कर दी गयी है. इस संबंध में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए राजस्थान के पुलिस प्रमुख पड़ोसी राज्य हरियाणा के पुलिस प्रमुख से समन्वय बनाए हुए हैं. Also Read - UP: Gangster Vikas Dubey की गैंग के 7 मददगार गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार बरामद

पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने के लिए नहीं चलाई गोली
पूर्व गृहमंत्री और राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि बहरोड की घटना से स्पष्ट है कि बदमाश पूरी तैयारी के साथ आए थे. लेकिन यह समझ नहीं आ रहा है कि पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने के लिये उनपर एक गोली तक नहीं चलायी. उन्होंने कहा कि इस तरह बदमाशों का अपने साथी को छुड़ा ले जाना पुलिस की कमजोरी को दिखाता है. बहरोड के थाना प्रभारी सुगन सिंह ने बताया कि पुलिस दल बरामद कारों की जांच कर रहा था उसी वक्त बदमाश अपने साथी को छुड़कर वहां से फरार हो गए. उन्होंने बताया कि गुर्जर पर हत्या के पांच मामले दर्ज हैं. उसपर एक लाख रुपये का इनाम घोषित है.