जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कांग्रेस के असंतुष्ट विधायकों को अयोग्य ठहराने के बारे में विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस को चुनौती देने वाली विधायकों की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई शुरू की. सचिन पायलट और कांग्रेस के 18 अन्य विधायकों ने यह याचिका दाखिल की है. Also Read - राजस्‍थान सरकार और गुर्जर नेताओं के एक गुट के बीच 14 बिंदुओं पर बनी सहमति

कांग्रेस के असंतुष्ट विधायकों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने अदालत में अपनी दलील में कहा कि सदन से बाहर किए गए कृत्य दल बदल कानून का उल्लंघन नहीं है. Also Read - सुन लीजिए कमलनाथ जी... मैं कुत्ता हूं, मेरा मालिक मेरी जनता है, जिसकी मैं सेवा करता हूं: सिंधिया

नोटिस में विधायकों को राज्य विधानसभा से अयोग्य ठहराए जाने की कांग्रेस की मांग पर शुक्रवार तक जवाब देने के लिए कहा गया है. विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी इस मामले पर शाम 5 बजे सुनवाई करेंगे, जबकि नोटिस में कहा गया था कि वह दोपहर बाद एक बजे इस मामले पर गौर करेंगे. Also Read - Bihar Assembly Election 2020: राजनाथ सिंह का कांग्रेस पर हमला, बोले- अगर मैंने खुलासा कर दिया तो चेहरा दिखाना मुश्किल हो जाएगा

असंतुष्ट विधायकों की याचिका पहले गुरुवार को न्यायमूर्ति सतीश चंद्रा शर्मा के समक्ष आई, लेकिन उनके वकील हरीश साल्वे ने एक नई याचिका दाखिल करने के लिए और वक्त मांगा. पायलट खेमे की ओर से नई याचिका दायर होने के बाद उसे शाम के वक्त खंड पीठ के पास भेज दी गई थी, लेकिन बाद में यह मामला शुक्रवार के लिए टल गया था.

मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महंती और न्यायमूर्ति प्रकाश गुप्ता की पीठ ने शुक्रवार को याचिकाओं पर सुनवाई की. पीठ ने, इस बीच, कांग्रेस के मुख्य सचेतक महेश जोशी को इस मामले में प्रतिवादी के तौर पर शामिल करने का आवेदन स्वीकार कर लिया.

कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष से शिकायत की थी कि विधायकों ने कांग्रेस विधायक दल की सोमवार और मंगलवार को हुई दो बैठकों में भाग लेने के लिए जारी पार्टी के व्हिप का उल्लंघन किया है. इसके बाद, अध्यक्ष ने इन असंतुष्ट विधायकों को नोटिस जारी किए. हालांकि, पायलट खेमे की दलील है कि पार्टी का व्हिप सिर्फ तभी लागू होता है, जब विधानसभा का सत्र चल रहा हो.

विधानसभा अध्यक्ष को भेजी गई शिकायत में कांग्रेस ने पायलट और अन्य बागी विधायकों के खिलाफ संविधान की दसवीं अनुसूची के पैराग्राफ 2(1)(ए) के तहत कार्रवाई करने की मांग की है.