जयपुर: राजस्थान सरकार ने देशव्यापी लॉकडाउन के चौथे चरण के दौरान स्कूलों, कॉलेजों और मॉल के कार्यालय को फिर से खोलने की अनुमति दे दी है, जिसके लिए सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन करना होगा. लॉकडाउन 4.0 के दौरान व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के लिए मंगलवार देर रात मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया. Also Read - Coronavirus: कोरोना के खतरे के चलते राजस्थान में 31 मई के बाद भी जारी रहेगा रात में कर्फ्यू, सीएम ने दिए निर्देश

अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव स्वरूप ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में कार्यालय गैर-शैक्षणिक कार्यों के लिए फिर से खुल सकते हैं. शैक्षणिक कार्य प्रतिबंधित रहेंगे और छात्र स्कूल और कॉलेजों में नहीं जा पाएंगे. उन्होंने कहा कि इसी तरह मॉल के अंदर स्थित कार्यालय खोले जा सकते हैं, लेकिन दुकानों को संचालित करने की अनुमति नहीं है. Also Read - Rajasthan में Coronavirus से बढ़ा मौतों का आंकड़ा, कुल संक्रमित 8100 के पार

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लॉकडाउन के दौरान राजस्थान में फंसे प्रवासियों को श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के अलावा विशेष बसों द्वारा उनके संबंधित स्थानों पर भेजा जाए. एसीएस सुबोध अग्रवाल ने कहा कि अगले पांच दिनों में राज्य से विभिन्न राज्यों के लिए 23 विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी. Also Read - राजस्थान से ओडिशा तक टिड्डी का टेरर! प्रशासन ने दी डीजे बजाने की सलाह

बैठक में बताया गया कि प्रवासियों के लिए विशेष बसें चलाने के लिए मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र सरकारों के साथ चर्चा चल रही है.गहलोत ने अन्य राज्यों के साथ प्रभावी समन्वय के लिए निर्देशित किया ताकि प्रवासियों की समस्याओं को कम किया जा सके. डीजीपी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि लॉकडाउन दिशानिर्देशों के उल्लंघन के लिए राज्य भर में 12,000 से अधिक चालान जारी किए गए हैं. सरकार ने कहा है कि लॉकडाउन में ठील का मतलब यह नहीं है कि कोरोना खत्म हो गया है.

प्रशासन की तरफ से यह निर्देश भी जारी किए गए हैं कि जो लोग काम से बाहर निकल रहे हैं वे सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रहे और अपने चेहरे को किसी कपड़े से कवर कर के ही निकलें.

(इनपुटः भाषा)