नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस के प्रकोप से हाहाकार मचा हुआ है. हर राज्य में रोजाना कोविड-19 के हजारों केस सामने आ रहे है. राजस्थान की जनता इस समय दो तरह के संकट से जूझ रही है एक तो राज्य पहले से ही कोरोना की जद में फंसा हुआ है और अब वहीं जनता को नेताओं की सियासी लड़ाई की भी मार पड़ रही है. राजस्थान सरकार के सभी मंत्री और विधायक इस समय जनता की परेशानियो से दूर होटल में समय बिता रहे हैं. राजस्थान के सरकार के विधायक होटल में योगा करके अपने समय को बिता रहे हैं लेकि उन्हें जनता की परेशानियों की आवाज नहीं सुनाई दे रही.Also Read - Rajasthan Cabinet Reshuffle Updates: कैबिनेट विस्तार की चर्चा के बीच राजस्थान दौरे पर अजय माकन, जानें ताजा अपडेट्स...

राजस्थान में इस समय सियासी संकट गर्माया हुआ है. राज्यसरकार में आपस में ही फूट पड़ने के बाद कांग्रेस पार्टी दो गुटो में बट गई है. अब सीएम अशोक गहलोत पिछले कई दिनों से अपने विधायकों को जयपुर के होटल में बैठाए हुए हैं. कोरोना वायरस से परेशान जनता को सरकार का साथ और मदद चाहिए तो ऐसे में विधायक और मंत्री जिन्हे जनता ने अपनी समस्याओं को हल करने के लिए चुना वो उनसे कोसों दूर होटल में बैठकर लग्जरी लाइफ बिता रहे हैं. Also Read - Rajasthan Cabinet Expansion News: गहलोत कैबिनेट का विस्तार जल्द! कई मंत्रियों की हो सकती है छुट्टी, डोटासरा के वीडियो से...

Also Read - Rajasthan Cabinet Expansion: राजस्थान कैबिनेट का 28 जुलाई को हो सकता है विस्तार, अजय माकन ने कही ये बात...

किसी को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ रहा कि जनता का क्या हाल होगा. जनता से सेवक और जनता के लिए सरकार में चुने जानें वाले मंत्री और विधायक इस समय होटल में बैठकर मूवी, योगा, और अंताक्षरी का मजा उठा रहे हैं. अब एक वीडियो सामने आया है जिसमें राजस्थान सरकार के मंत्री और विधायक होटल में बैठकर अपने योगा कर रहे है.

देश और राज्य में ऐसे कितने परिवार होंगे जो महीनों से कोरोना के कारण घरों में बंद हैं उन्हें लजीज पकवान तो छोड़िए रोज मर्रा की खाने पीने की चीजे भी ठीक प्रकार से नसीब नहीं हो पा रही लेकिन वहीं राजस्थान के विधायक और मंत्री होटल में बैठकर लजीज और जायकेदार पकवान का मजा उठा रहे हैं उन्हें इस बात से कोई असर नहीं पड़ रहा है कि जनता कोरोना से परेशान हैं. लोगों का इलाज हो पा रहा है कि नहीं या फिर लोगों को मदद मिल पा रही है या नहीं.

जब इस बारे में कुछ विधायकों से पूछा गया तो उनका कहना था कि हमारी बात फोन पर हो जाती है और सारा काम भी फोन पर ही निपटा लिया जाता है. अगर ऐसा ही है तो फिर सरकार विधायकों और मंत्रियों को किस बात का इतना भत्ता और सैलरी देती है क्यों न सिर्फ फोन का ही रिचार्ज करा दिया जाए.