Rajasthan News: राजस्थान के कोटा के एक सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कोविड-19 के टीके की पहली खुराक लेने के एक दिन बाद 60 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई. अधिकारियों ने कहा कि व्यक्ति की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए उसकी पोस्टमॉर्टम कराई गई है. देवली मांजी थाने के एसएचओ रामावतार शर्मा ने कहा कि परिवार की मांग पर एक मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमॉर्टम किया. परिवार को संदेह है कि टीका की वजह से पैदा हुई जटिताओं के कारण व्यक्ति की मौत हुई. Also Read - What are the Symptoms of Coronavirus? क्या फेफड़े से इतर अन्य अंगों को भी खराब कर रहा COVID-19

उन्होंने कहा व्यक्ति की मौत के बाद सीआरपीसी की धारा 174 के तहत एक मामला दर्ज किया गया है, ताकि अप्राकृतिक मौत के ठीक-ठीक कारणों का पता लगाया जा सके. कोटा जिले के गरमोडी गांव के निवासी बहादुर सिंह राजपूत ने देवली-मांजी थाने के अंतर्गत बालूहेडा इलाके में स्थित एक सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कोविड-19 रोधी टीके की पहली खुराक बुधवार दोपहर को ली थी. Also Read - VIDEO: कोरोना का बढ़ता संक्रमण, घर पर रहकर कैसे बचें इस खतरनाक वायरस से, जानिए

थाना प्रभारी ने बताया कि टीकाकरण के बाद 30 मिनट तक निगरानी रखे जाने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया था. थाना प्रभारी ने बताया कि सिंह के परिवार के सदस्यों ने पुलिस से कहा कि उन्हें गुरुवार सुबह चाय पीने के दौरान चक्कर महसूस हुआ और वह गिर गए. इसके बाद उन्हें कस्बे के सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. Also Read - Covid-19 Symptoms: कोरोना की दूसरी लहर में सामने आने वाले नए लक्षण क्या हैं? Watch Video

कोटा के रिप्रोडक्टिव चाइल्ड हेल्थ ऑफिसर और जिले में कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान के प्रभारी डॉ.देवेंद्र झालानी ने टीके से पैदा हुई जटिलता से मौत होने की संभावना को खारिज किया. उन्होंने कहा कि बुधवार को जिले में 114 लोगों को टीका दिया गया, लेकिन किसी को भी प्रतिकूल प्रतिक्रिया नहीं हुई. उन्होंने कहा कि मौत की असली वजह का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा.

(इनपुट: भाषा)