जयपुर: राजस्थान में करीब एक महीने चली सियासी खींचतान के बाद अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में विश्वास मत जीत लिया. सदन ने सरकार द्वारा लाए गए विश्वास मत प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया. प्रस्ताव पर अपना जवाब देते हुए गहलोत ने विपक्ष द्वारा लगाए गए तमाम आरोपों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा,‘‘तमाम आरोपों को मैं अस्वीकार करता हूं… कोरोना वायरस महामारी की स्थिति से निपटने में राजस्थान की सराहना देश-दुनिया ने की है.’’Also Read - कांग्रेसियों के दम पर ही भाजपा ने गुजरात चुनाव जीता- वडोदरा में बोले अशोक गहलोत

राजस्थान विधानसभा सत्र के बाद सचिन पायलट ने कहा कि आज सदन के अंदर विश्वास मत को बहुमत से पारित किया गया जो अटकलें लगाई जा रही थीं उन्हें विराम मिला है. उन्होंने अपनी सीट बदले जाने को लेकर कहा, “पहले मैं सरकार का हिस्सा था आज नहीं हूं लेकिन यहां पर कौन कहां बैठता है ये महत्वपूर्ण नहीं है लोगों के दिल और दिमाग में क्या है ये ज्यादा महत्वपूर्ण है…जीवन की आखिरी सांस तक मैं इस प्रदेश के लिए समर्पित हूं.” Also Read - राजस्थान में खूब बरसे मेघा, प्रदेश के कई स्थानों पर हुई 100 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश

वहीं गहलोत ने विधानसभा से बाहर आने के बाद कहा, “पूरे राज्य में खुशी की लहर है. बीजेपी की साजिश विफल हो गई है. राजस्थान के लोगों की जीत हुई है. हम कोविड से लड़ने के लिए एक साथ आ गए हैं.” उन्होंने कहा, “जिस प्रकार भाजपा ने कर्नाटक के अंदर मध्य प्रदेश के अंदर और कई दूसरे राज्यों में जो षड्यंत्र किया था, वही नीति इन्होंने राजस्थान में अपनाई. परन्तु राजस्थान में भाजपा बेनकाब हो गई. वो समझ गए हैं कि उनकी योजना विफल हो गई है.” Also Read - अलवर में हुई मॉब लिंचिंग पर अनुसूचित जाति आयोग ने लिया संज्ञान, 7 दिन में मांगा जवाब

इससे पहले गहलोत ने विधानसभा के अंदर आरोप लगाया, ‘‘भाजपा व केंद्र की सरकार ने उनकी सरकार को गिराने का षड्यंत्र रचा लेकिन कांग्रेस के कुनबे में फूट डालने के उनके सपने कभी पूरे नहीं होंगे.’’ विपक्षी भाजपा की ओर इशारा करते हुए गहलोत ने कहा, ‘‘आपके आलाकमान ने तय कर रखा है कि राजस्थान सरकार को गिरा के रहेंगे और मैंने तय कर रखा है किसी भी कीमत पर गिरने नहीं दूंगा.’’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में दो लोग ही राज कर रहे हैं. गहलोत ने कहा, ‘‘देश में लोकतंत्र खतरे में है जिसकी चिंता हम सभी को होनी चाहिए.’’ प्रस्ताव पर बहस के दौरान विपक्षी नेताओं द्वारा कई बार मुख्यमंत्री और सचिन पायलट के बीच चली खींचतान पर कटाक्ष किए जाने का जिक्र करते हुए गहलोत ने इसे पार्टी का अंदरूनी मामला बताया . उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा वाले कौन होते हैं हमारी पार्टी के बारे में बोलने वाले. ये हमारी पार्टी का अंदरूनी मामला है.’’

विधायकों के फोन टैप के आरोपों को खारिज करते हुए गहलोत ने कहा,‘‘हमारे यहां कोई फोन टैप नहीं होता. मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं.’’ मुख्यमंत्री के जवाब के बाद सदन ने सरकार के विश्वास मत प्रस्ताव को ध्वनिमत से स्वीकार कर लिया. विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने सदन द्वारा मंत्रिपरिषद में विश्वास व्यक्त करने का प्रस्ताव स्वीकार किए जाने की घोषणा की. इसके बाद सदन की कार्रवाई 21 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी गयी. इससे पहले संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने सरकार की ओर से विश्वास मत प्रस्ताव पेश किया और कहा कि राजस्थान में ‘‘न किसी शाह की चलती है न तानाशाह की.’’

(इनपुट भाषा)