Rajasthan Political Crisis Ends: राजस्थान में एक महीने से अधिक समय से जारी राजनीतिक ड्रामे के पटाक्षेप होने के बाद कांग्रेस नेता सचिन पायलट का बयान आया है. आज शाम तक जयपुर पहुंच रहे पायलट ने कहा है कि पद तो आते-जाते रहते हैं. उन्हें पद की कोई इच्छा नहीं है.Also Read - एक बार फिर सावन में गठबंधन तोड़ने जा रहे हैं नीतीश कुमार, 9 साल में दो बार बदला साथी

राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ बगावत करने वाले सचिन पायलट ने बीती रात कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात करने के बाद विद्रोह खत्म कर दिया. उनकी पार्टी में वापसी हो गई है. हालांकि इस बगावत के दौरान उनको अशोक गहलोत ने उपमुख्यमंत्री पद और पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष पद से हटवा दिया था. इसके साथ ही सचिन पायलट के साथ बगावत का झंडा उठाने वाले उनके साथियों को भी मंत्री पद से हटा दिया गया था. Also Read - कांग्रेस 7 सितंबर से शुरू करेगी भारत जोड़ो यात्रा, राहुल गांधी करेंगे अगुवाई, जानिए क्यों चुना गया ये दिन


इस संबंध में पूछे जाने पर सचिन पायलट ने कहा कि उनको पद की कोई चाहत नहीं है. ये चीजें आती और जाती रहती हैं. उन्होंने कहा कि हमें जनता का भरोसा मजबूत करने के लिए काम करते रहने की जरूरत है. हमें उनका विश्वास हासिल करना होगा. Also Read - बिहार के 7 बार के सीएम नीतीश कुमार की राजनीतिक यात्रा, जरुरत के साथ बनते-बिगड़ते रहे रिश्ते

इससे पहले बीती रात ही राजस्थान के राजनीतिक ड्रामे का पटाक्षेप हो गया. तमाम रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी खुद इस मसले को दो धड़े में बंट गई थी. पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता राजस्थान कांग्रेस में बगावत को थामने और सचिन पायलट को रोकने के पक्ष में थे. उनका मानना था कि राजस्थान में गहलोत सरकार के बच जाने की स्थिति में भी सचिन पायलट का पार्टी छोड़ना बड़ा नुकसान साबित होगा. ऐसे में अंदर खाने इस विवाद को थामने की कोशिश की जा रही थी.