Rajasthan Political Crisis: राजस्थान में जारी राजनीतिक संकट के बीच राज्यपाल ने एक बार फिर विधानसभा सत्र बुलाने संबंधी फाइल को राज्य सरकार को लौटा दी है. सीएम अशोक गहलोत कैबिनेट ने 31 जुलाई से विधानसभा सत्र बुलाने की सिफारिश संबंधी फाइल राज्यपाल को भेजी थी. राज्यपाल के इस फैसले से राज्य की राजनीति में नया मोड़ आ गया है. Also Read - बागियों के खिलाफ कांग्रेस विधायकों की नाराजगी स्वभाविकः गहलोत

दरअसल, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपनी ही पार्टी नेता सचिन पायलट की बगावत के बाद राज्य विधानसभा की बैठक बुलाकर अपना बहुमत साबित करना चाहते हैं, जिससे कि उनको अगले छह माह तक किसी भी तरह के अविश्वास प्रस्ताव का सामना न करना पड़े. दूसरी तरफ राजभवन बार-बार उनसे स्पष्टीकरण मांग रहा है और कह रहा है आपके पास अगर बहुमत है तो इतने आनन-फानन में इसे साबित करने की क्या जरूरत है. Also Read - राहुल, प्रियंका से मिलने के बाद जयपुर पहुंचे सचिन पायलट, बोले- पार्टी के भीतर विचार व्यक्त करना विद्रोह नहीं

उधर, राज्य में जारी इस राजनीतिक संकट के बीच बहुजन समाज पार्टी ने व्हिप जारी अपने विधायकों से कहा है कि वह सदन में अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ वोट करें. वैसे बसपा के सभी छह विधायकों ने राज्य स्तर पर पार्टी का कांग्रेस में विलय कर लिया था. अब बसपा के केंद्रीय नेतृत्व का कहना है कि बसपा एक राष्ट्रीय पार्टी है ऐसे में उसका राज्य स्तर पर विलय हो ही नहीं सकता.