नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव से ऐन पहले राजस्थान में बीजेपी को तगड़ा झटका लगा है. बीजेपी के बागी विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपनी अलग पार्टी बनाई है जो विधानसभा चुनाव लड़ेगी. तिवाड़ी लंबे समय से अपनी ही सरकार के खिलाफ खुलकर मोर्चा लेते रहे हैं. उन्होंने सीएम वसुंधरा राजे को भी कई मौकों पर खुलकर हमला बोला, लेकिन उनपर कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई. अब उन्होंने खुद ही पार्टी से अलग होकर बीजेपी की मुश्किलों में और इजाफा कर दिया. साल के अंत तक राज्य में चुनाव होने हैं और कांग्रेस लगातार मजबूत दिख रही है. Also Read - भाजपा के 'चाणक्य' गृहमंत्री अमित शाह को पीएम मोदी ने दी जन्मदिन की बधाई, कही ये बात

सीएम वसुंधरा के घोर विरोधी

घनश्याम तिवारी सीएम वसुंधरा के घोर विरोधी माने जाते रहे हैं. उन्होंने कई बार सीएम का खुलकर विरोध किया. पिछले साल नवंबर में ही उन्होंने पार्टी से अलग रास्ता इख़्तियार करने का फैसला किया था. तिवाड़ी ने कहा था कि आने वाले दिनों में वे राज्य में नई राजनीतिक पार्टी बनाएंगे और राज्य में 200 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे.

सम्मेलन में बीजेपी को ही घेरा

2017 में इसी दौरान सीकर और झुंझनूं जिले के कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में तिवाड़ी ने नाम लिए बगैर मुख्यमंत्री और बीजेपी को जमकर आड़े हाथों लिया. सभा में बीजेपी के बागी नेता ने किसानों की दशा, स्वर्ण आरक्षण, गौ माता, नए काले कानून, राष्ट्रवाद और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर भी मुख्यमंत्री और बीजेपी पर निशाने साधा. तिवाड़ी ने अपनी उपेक्षा और अपने खिलाफ सरकार की कार्रवाई पर भी हमला किया था.

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घनश्याम तिवाड़ी ने किसानों की दुर्दशा के लिए कांग्रेस के साथ बीजेपी को भी जिम्मेदार बताते हुए कहा कि देश के बड़े उद्योगपति और बड़े चोरों का हजारों करोड़ रुपये माफ करने वाली सरकार को किसानों के कर्ज माफ करने में तकलीफ होती है. उन्हें इस बात की परवाह नहीं है देश मे हजारों किसानों ने आत्महत्या कर ली और कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अपने सेवानिवृत्त के बाद के लिए बंगले बनवाने की फिक्र है. इसके लिए वे सदन में कानून बनवाने में लगी है.

सीएम पर निशाना

उन्होंने भ्रष्टाचार को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाने साधते हुए कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को बचाने के लिए काला कानून ला रही है. वे किसान और आम आदमी की लड़ाई के लिए कभी नहीं डरे है और न ही पीछे हटेंगे. बता दें कि राजस्थान में अगले साल 2018 के अंत में लोकसभा चुनाव होने हैं.