जयपुर: राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी में भगदड़ सा माहौल दिख रहा है. विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवारों की पहली सूची जारी होने के बाद से पार्टी में इस्तीफों का दौर शुरू हो चुका है. कई दिग्गज नाम चुनाव के लिए टिकट पाने में विफल रहे हैं और चुनाव लड़ने की संभावनाएं तलाशते हुए अब वे दूसरी पार्टियों का रुख कर रहे हैं.Also Read - Exit Polls: मध्यप्रदेश में बीजेपी तो राजस्थान में कांग्रेस आगे, छत्तीसगढ़ में कड़ा मुकाबला

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राज्य सरकार में मंत्री सुरेंद्र गोयल ने राजस्थान इकाई के अध्यक्ष मदनलाल सैनी को इस्तीफा भेज दिया है. गोयल ने इस्तीफे में कहा है कि वह भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं. वह भाजपा से पांच बार विधायक रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह आगामी चुनाव में जयतरण सीट से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में उतरेंगे. Also Read - दावा भ्रष्टाचार मुक्त भारत का किया और भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड तोड़ रही है भाजपा: कांग्रेस

नागौर से विधायक हबीबुर रहमान ने भी पार्टी छोड़ दी है. वह कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं. भाजपा के पूर्व महासचिव कुलदीप धनकड़ ने सोमवार को चुनाव में उपेक्षित किए जाने के बाद पार्टी छोड़ दी. उनके मुताबिक, वह विराट नगर से बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा द्वारा उनके स्थान पर खड़ा किया गया उम्मीदवार खराब विकल्प है. स्वास्थ्य मंत्री काली चरण सराफ, परिवहन मंत्री यूनुस खान और उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत का भी नाम उम्मीदवारों की सूची में नहीं है और आशंका है कि ये सभी भाजपा से किनारा कर सकते हैं.

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इस बीच, भाजपा के राजस्थान चुनाव प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने आईएएनएस को बताया कि मतभेदों को समाप्त करने के लिए जो हो सकता है, पार्टी करेगी. उन्होंने कहा, “मतभेदों को दूर करने के लिए हम बातचीत की प्रक्रिया में हैं. हमारे नेता उनसे मिलने और उनसे बात करने का प्रयास कर रहे हैं. हम उनमें से किसी को पार्टी नहीं छोड़ने देंगे.”

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किसी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट नहीं देने के सवाल पर उन्होंने कहा, “हमारी अगली सूची लंबित है और एक बार सूची जारी हो जाने के बाद हम इस मुद्दे पर बात करेंगे.” इस बीच केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, “इन मतभेदों से लड़ने के लिए हमें साथ बैठना होगा.”