नई दिल्ली: राजस्थान (Rajasthan) में हर पल सियासी खेल बदल रहा है. सीएम अशोक गहलोत ने सीएम हाउस में अपने विधायकों की परेड कराकर अपनी ताकत दिखाई और कहा कि उनके पास पर्याप्त मात्रा में विधायकों का समर्थन हांसिल हैं. इस बीच अब राजस्थान की राजनीति में रिसार्ट पॉलटिक्स की भी एंट्री हो गई है. सबसे बड़ी बात यह है कि राजस्थान अपने ही घर में रिसार्ट पालटिक्स का शिकार हो गई है. सीएम अशोक गहलोत ने सीएम हाउस में मीटिंग के बाद अब सभी विधायकों को तीन लग्जरी बसों में भरकर होटल भेज दिया है. Also Read - कांग्रेस नेता प्र‍ियंका गांधी का बयान, सबके दाता राम, भूमि पूजन राष्ट्रीय एकता का उत्सव दिवस बने

अभी इस बात की जानकारी नहीं मिली है कि आखिर किन कारणों से कांग्रेस ने यह कदम उठाया है. क्या अशोक गहलोत ने भाजपा से बचने के लिए विधायकों को होटल में भेजा है या फिर सचिन पायलट से बचने के लिए. Also Read - गरीब एवं जरूरतमंद तबके की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार का महत्वपूर्ण दायित्व है : गहलोत

सीएम अशोक गहलोत ने पहले तो सीएम हाउस में अपने विधायकों की परेड कराई और फिर मीडिया के सामने विक्ट्री साइन भी दिखाया. इससे लगता है कि फिलहाल राजस्थान सरकार के ऊपर से संकट टल गया है. अशोक गहलोत खुद बस में बैठकर विधायकों के साथ बस में गए हैं इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि राजस्थान में विश्वास किस कदर  कमजोर हो गया है. Also Read - Video: सीएम गहलोत बोले- प्रधानमंत्री मोदी राजस्थान में हो रहे 'तमाशे' को बंद करवाएं

बताया जा रहा है कि अब एक बार फिर से अशोक गहलोत सचिन पायलट से बात करेंगे और अगर वे मान जाते हैं तो फिर सभी विधायकों को घर भेज दिया जाएगा. इस बीच यह भी खबर सामने आई है कि सीएम अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री के बीच सुलह कराने के लिए प्रियंका गांधी पायलट से बात कर रही हैं.

सूत्रों की मानें तो पायलट ने प्रियंका के सामने कुछ शर्ते रखीं है और अगर उन्हें पूरा किया जाता है तो वो मान सकते हैं. इससे पहले कई बार राजस्थान कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने सचिन से बात की लेकिन उनकी यह कोशिशें नाकाम रहीं.