रेवाड़ी: हरियाणा में 19 वर्षीय लड़की से कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म के विरोध में रेवाड़ी जिले के कोसली शहर के कारोबारियों ने बुधवार को बंद का आयोजन किया. घटना के विरोध में कुछ सामाजिक संगठनों और निवासियों ने मार्च भी निकाला. उन्होंने मामले में फरार चल रहे दो अहम आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा की मांग की. दो अहम आरोपियों में मनीष नाम का एक लड़का और सेना का एक जवान है जिसकी पहचान पंकज के तौर पर हुई है.

पुलिस ने बताया कि रेवाड़ी जिले की रहने वाली 19 वर्षीय लड़की को महेन्द्रगढ़ जिले के कनीना शहर में एक बस स्टॉप से 12 सितंबर को उसे उस वक्त अगवा कर लिया गया था जब वह कोचिंग क्लास के लिये जा रही थी. उसे नशीला पदार्थ दिया गया और सिंचाई के लिये बने एक ट्यूबवेल के कमरे में उससे कथित रूप से सामूहिक बलात्कार किया गया. प्रदर्शनकारियों ने लड़की के लिये सरकार से सभी जरूरी मदद और समर्थन मांगा है. बंद के दौरान शहर में वाणिज्यक प्रतिष्ठान बंद रहे और बाजार में वीरानी छाई थी.

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घटना के विरोध में कोसली शहर में बंद
इससे पहले 25 गांवों की ‘महापंचायत’ में घटना के विरोध में कोसली शहर में बंद का आह्वान किया गया था. सामूहिक दुष्कर्म की इस घटना के चलते विपक्षी दलों ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से यह कहकर नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की है कि राज्य अपनी बेटियों की रक्षा करने में नाकाम है. पुलिस मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है.

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पुलिस ने दो अन्य लोगों को किया गिरफ्तार
मुख्य आरोपी नीशू के अलावा मामले में दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है. हरियाणा पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने दोनों आरोपियों में से एक की पहचान मेडिकल प्रैक्टिस करने वाले संजीव के तौर पर की है. संजीव अपराध के बाद लड़की से मिलने वाला पहला शख्स था. दूसरा आरोपी दीनदयाल है जो उस संपत्ति का मालिक है जहां लड़की से कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म हुआ था.