Rajasthan: कोरोना वायरस के कारण आर्थिक व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं, जिसमें कोरोना रोकथाम और कोविड कोष बनाने के लिए अब मुख्यमंत्री से लेकर कर्मचारियों तक का वेतन काटने की बात कही गई है. Also Read - महराष्ट्र: कोरोना के खिलाफ ‘मेरा परिवार-मेरी जिम्मेदारी’ अभियान शुरू, सीएम ने कहा- वायरस से मजबूत होगी लड़ाई

मुख्यमंत्री के अलावा , सभी मंत्री , विधायक, भारतीय राज्य सेवा के अधिकारी, अधीनस्थ सेवा तथा अन्य राज्य कर्मचारियों के वेतन में कटौती की जाएगी. इसके तहत जहां सरकारी कार्यालयों के लिए नए वाहन व उपकरण खरीदने पर रोक लगा दी गई है, वहीं कोई नया कार्यालय भी नहीं खोला जाएगा. इसके साथ ही राजकीय भोज नहीं होगा और अधिकारियों की विदेश यात्रा पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है. Also Read - असम में फैल रहा अफ्रीकी स्वाइन बुखार, हज़ारों सुअरों को मारने का आदेश

मुख्यमंत्री, मंत्री एवं राज्यमंत्री के प्रत्येक माह के सकल वेतन से सात दिवस का वेतन प्रतिमाह, समस्त विधायकों के सकल वेतन से एक दिवस का वेतन प्रतिमाह, अखिल भारतीय एवं राज्य सेवा के अधिकारियों का दो दिवस का और अधीनस्थ सेवा एवं अन्य राज्य कर्मचारियों के सकल वेतन में से एक दिवस का वेतन प्रतिमाह कटौती कर मुख्यमंत्री सहायता कोष (कोविड सहायता) में जमा कराया जाएगा. कटौती सितंबर 2020 से की जाएगी। Also Read - कोरोना पर मुख्यमंत्रियों के साथ मीटिंग, PM मोदी ने कहा- टेस्ट, कांटेक्ट ट्रेसिंग, इलाज और निगरानी पर ध्यान देने की ज़रूरत

कटौती का प्रावधान राजस्थान हाईकोर्ट एवं अधीनस्थ न्यायालयों के न्यायाधीशों पर नहीं लागू होगा। इसके अलावा कोर्ट के अधिकारियों एवं कार्मिकों, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, चिकित्सा शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों तथा कार्मिकों, पुलिस कॉन्स्टेबल तथा एल-1 से एल-4 के वेतनमान में कार्यरत राज्य सरकार के समस्त कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा.