नई दिल्ली: सीनियर नेता शरद यादव ने राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर की गई अपनी विवादित टिप्पणी के लिए खेद प्रकट किया है. शरद यादव ने शनिवार को कहा कि मैंने उनका बयान देखा है, मेरे उनके साथ बहुत पुराने परिवारिक संबंध हैं अगर मेरे शब्दों से अगर वह आहत हुई हैं तो मैं खेद प्रकट करता हूं. शरद यादव ने यह भी कहा कि वह वसुंधरा राजे को इस मामले में लेटर लिखेंगे. Also Read - माजिद मेमन का सुशांत सिंह राजपूत पर ट्वीट, NCP ने किया किनारा, BJP ने साधा निशाना

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने उनके खिलाफ शरद यादव की टिप्पणी को महिलाओं का अपमान बताते हुए शुक्रवार को कहा कि निर्वाचन आयोग को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए. मुख्यमंत्री राजे ने झालावाड़ में मतदान करने के बाद संवाददाताओं से कहा के पूर्व केंद्रीय मंत्री यादव का बयान ‘उनका और विशेष रूप से महिलाओं का अपमान है. Also Read - नारायणमूर्ति ने जताई GDP में गिरावट की आशंक, तो राहुल गांधी बोले- मोदी है तो मुमकिन है

उन्होंने कहा, ‘मैं पूरी तरह हतप्रभ रह गयी. मुझे नहीं लगता है कि इतने लंबे अनुभव वाला और हमारे परिवार से करीबी ताल्लुकात रखन वाला कोई भी नेता अपनी वाणी पर संयम नहीं रख पाएगा. इससे बुरी बात और क्या हो सकती है? यादव ने अलवर में एक चुनावी सभा में कथित तौर पर कहा था, ‘वसुंधरा को आराम दो, बहुत थक गई हैं. बहुत मोटी हो गई हैं.’

राजे ने कहा कि निर्वाचन आयोग को इस तरह के बयानों पर संज्ञान लेना चाहिए ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में कोई ऐसी भाषा का इस्तेमाल ना करे. इसके साथ ही राजे ने कहा उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा से युवा पीढ़ी को कोई अच्छा संदेश नहीं जाता है. उन्होंने कहा, ‘यह भाषा तो कोई भी इस्तेमाल कर सकता है लेकिन भाजपा नेताओं के मुंह से तो सुनने को नहीं मिलती. कांग्रेस व उसके सहयोगी दल के मुंह से क्यों सुनने को मिलता है.

गौरतलब है कि माकपा नेता बृंदा करात ने वरिष्ठ समाजवादी नेता शरद यादव से राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के लिये की गयी टिप्पणी को आपत्तिजनक बताते हुए कहा है कि यादव को राजे से माफी मांगनी चाहिए. करात ने शुक्रवार को कहा ‘शरद यादव जैसे वरिष्ठ नेता द्वारा राजस्थान की मुख्यमंत्री के लिए इस तरह का अपमानजनक बयान देना बेहद आपत्तिजनक है. यादव को अपना बयान वापस लेकर माफी मांगनी चाहिए.