नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में आए आंधी-तूफान से जनजीवन प्रभावित हुआ है. वहीं मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि इस तूफान में कम से कम 127 लोगों की जान चली गई. आंधी-तूफान के बाद कई घरों की छत और पेड़ उखाड़ गए. बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई है. सबसे ज्यादा असर उत्तर प्रदेश और राजस्थान पर पड़ा है. यहां कम से कम 112 लोगों की जान चली गई. उत्तर प्रदेश में 73 लोगों के मारे जाने की सूचना है जिनमें से 46 मौतें सिर्फ आगरा में हुई हैं. वहीं राजस्थान में 39 और तेलंगाना में 7 लोगों की मौत हुई है. जबकि उत्तराखंड में 4 और झारखंड और पंजाब में दो-दो लोगों की जान गई है.

200 लोगों के घायल होने की सूचना
पूर्वी राजस्थान और उससे सटे उत्तर प्रदेश के आसपास के क्षेत्रों में जबर्दस्त आंधी – तूफान की वजह से कई मकान ढह गए , पेड़ गिर गए और बिजली के खम्बे उखड़ गए. आंधी-तूफान में लगभग 200 अन्य लोग घायल हो गए. उत्तर प्रदेश में 73 लोगों की मौत हुई और 91 अन्य घायल हो गए. राजस्थान में 39 लोगों की मौत हुई और 100 अन्य घायल हुए. मौसम विभाग के एक अधिकारी के अनुसार क्षेत्र में बने चक्रवाती परिसंचार तंत्र से आगामी 48 घंटों के दौरान उत्तरप्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में फिर से धूल भरी आंधी आने का पूर्वानुमान है.

पीएम ने लिया जायजा
मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि उनके विभाग ने पिछले दो दिनों में आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की थी. उत्तरप्रदेश और राजस्थान में आंधी – तूफान के कारण जनहानि पर दुख प्रकट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधिकारियों को राज्यों के साथ समन्वय बनाने और प्रभावितों को तुरंत राहत सुनिश्चित करने को कहा है

मौसम विभाग ने फिर जताई आशंका
जयपुर के भारतीय मौसम विभाग के वैज्ञानिक हिमांशु शर्मा ने बताया कि राजस्थान में अगले 48 घंटों के दौरान तेज हवाओं के चलने से धूल भरा अंधड़ आने की आशंका है. इससे उत्तर प्रदेश और राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्र विशेषकर करौली , धौलपुर जिले प्रभावित हो सकते हैं. अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा जन हानि आगरा जिले में हुई जहां कम से कम 46 लोगों की मौत हो गई और 51 अन्य जख्मी हो गये.

यूपी के कई शहर प्रभावित
आगरा के अलावा , उत्तरप्रदेश में बिजनौर , बरेली , सहारनपुर , पीलीभीत , फिरोजाबाद , चित्रकूट , मुजफ्फरनगर , रायबरेली और उन्नाव भी प्रभावित हुए . अधिकारियों ने बताया कि राजस्थान में सबसे ज्यादा भरतपुर जिला प्रभावित हुआ जहां 19 लोगों की मौत हो गई. राजस्थान में बिजली के 13 हजार खंभे उखड़ गए और लगभग 100 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए. अधिकारियों ने बताया कि बिजली आपूर्ति धीरे धीरे बहाल की जा रही है.

राजस्थान में मुआवजे की घोषणा
राजस्थान आपदा प्रबंधन और राहत सचिव हेमंत कुमार गेरा ने बताया कि कुछ लोगों का इलाज चल रहा है जबकि कुछ को छुट्टी दे दी गयी है. गंभीर रूप से घायल एक मरीज को धौलपुर से जयपुर भेजा गया है . राजस्थान सरकार ने बताया कि आंधी प्रभावित जिला प्रशासन को आकस्मिक निधि कोष से राशि जारी की गई है. मृतकों के परिजनों को चार – चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी और घायलों को 60 हजार से दो लाख रुपये के बीच आर्थिक सहायता दी जाएगी. राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने प्राकृतिक आपदा पर दुख व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि वह पीड़ितों को हर संभव राहत पहुंचाए.

सीएम योगी ने दिए निर्देश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्बन्धित जिलाधिकारियों को आंधी – तूफान और बारिश से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि संबंधित जिलों के अधिकारी नुकसान का आकलन करते हुए प्रभावितों को बिना देर किए मुआवजा प्रदान करें. उन्होंने कहा कि राहत कार्यों में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.