जयपुर: राजस्थान के अलवर में कथित तौर पर बेरोजगारी से परेशान तीन युवा दोस्तों ने एक साथ ट्रेन के आगे कूदकर आत्यहत्या कर ली. चुनावी माहौल में इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है. कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा व केंद्र की राजग सरकार को आड़े हाथ लिया है. राज्य में सात दिसंबर को विधानसभा चुनाव है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी रविवार को अलवर शहर में चुनावी सभा करने वाले हैं. Also Read - राजस्थान में भी लगेगा लॉकडाउन? सीएम गहलोत ने दी चेतावनी, 'कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करें लोग, नहीं तो..'

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घटना मंगलवार शाम की है जब तीन युवा दोस्तों ने एक साथ चलती ट्रेन के आगे कूदकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. घटना में एक अन्य युवक घायल हो गया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार तीनों युवकों द्वारा आत्महत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा नहीं हो सका है. प्रारंभिक जांच से पता चला है कि बेरोजगारी के कारण तीनों अवसाद में थे. उन्होंने बताया कि छह युवकों का समूह मंगलवार शाम रेल की पटरियों के पास खड़ा था. समूह में से चार युवक चलती ट्रेन के आगे कूद गये जिनमें से मनोज (24), सत्यनारायण मीणा (22) और ऋतुराज मीणा की मौत हो गई वहीं अभिषेक मीणा (22) घायल हो गया. Also Read - Rajasthan में अब 4 और राज्यों से आने वालों के लिए कोरोना जांच रिपोर्ट जरूरी

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पुलिस अधिकारी के अनुसार बाकी दो दोस्तों राहुल और संतोष ने पुलिस को घटना की जानकारी दी. अलवर के पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र सिंह ने बताया कि घटना के बारे में कई तरह के तथ्य सामने आ रहे हैं. हम मामले की जांच कर रहे हैं. जांच पूरी होने के बाद ही कुछ स्पष्ट होगा. एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि युवक बेरोजगारी के चलते अवसाद में थे.

मनोज और सत्यनारायण स्नातक थे और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे. जबकि ऋतुराज बी ए प्रथम वर्ष का छात्र था. घायल युवक को जयपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनीष तिवारी ने गुरुवार को जयपुर में संवाददाताओं से बातचीत में इस घटना का जिक्र किया और आरोप लगाया कि ‘देश का यह हाल भाजपा व राजग की सरकार ने बनाया है.’ उन्होंने पांच साल में दस करोड़ युवाओं को नौकरी देने के भाजपा के चुनावी वादे पर तंज कसा और कहा कि वास्तविकता में रोजगार के सवा आठ लाख अवसर भी मुश्किल से पैदा हो पाए हैं.