राजस्थान में जारी सियासी संकट अब थम गया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले सचिन पायलट (Sachin Pilot) आज उनसे मुलाकात कर सकते हैं. मतभेद के बाद दोनों नेताओं के बीच होने वाली इस पहली मुलाकात में क्या बातचीत होगी, इसपर सबकी नजर रहेगी. इस बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, ‘बीते एक महीने में पार्टी में जो भी गलतफहमी हुई, हमें देश, राज्य, लोगों और लोकतंत्र के हित में ‘माफ करने और भूलने’ की जरूरत है. Also Read - Kisan Bill: जदयू ने कहा- हम किसानों की मांग के साथ

अशोक गहलोत ने ट्वीट किया, ‘कांग्रेस की लड़ाई तो सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व में लोकतंत्र को बचाने की है. पिछले एक माह में कांग्रेस पार्टी में आपस में जो भी मतभेद हुआ है, उसे देश के हित में, प्रदेश के हित में, प्रदेशवासियों के हित में और लोकतंत्र के हित में हमें भुलाना होगा और माफ करके आगे बढ़ने की भावना के साथ लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई में लगना है.’

गहलोत ने ट्वीट किया, ‘मैं उम्मीद करता हूं कि भूल जाओ और माफ करो की भावना के साथ ‘लोकतंत्र की रक्षा करना’ हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए. देश में चुनी हुई सरकारों को एक-एक करके तोड़ने की जो साजिश चल रही है, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, अरुणाचल प्रदेश आदि राज्यों में सरकारें जिस तरह गिराई जा रही हैं, ईडी, सीबीआई, आयकर, न्यायपालिका का जो दुरुपयोग हो रहा है, वह लोकतंत्र को कमजोर करने का बहुत खतरनाक खेल है.’

बता दें कि राजस्थान में विधानसभा का विशेष सत्र 14 अगस्त से शुरू हो रहा है और उसे लेकर आज कांग्रेस विधायक दल की बैठक होने वाली है. उम्मीद की जा रही है कि बैठक में अशोक गहलोत और सचिन पायलट का आमना-सामना हो सकता है. सचिन पायलट करीब एक महीने के सियासी घमासान के बाद वापस जयपुर लौटे हैं.