Corona Virus: कोरोना के आंकड़ें जरूर कम हो रहे है. लेकिन, कोरोना से छुटकारा मिलने के बाद अब मरीज दूसरी बीमारियों से परेशान हो रहे है. राजस्थान के जयपुर में कुछ ऐसे केस सामने आ रहे है, जो काफी गंभीर है. महात्मा गांधी अस्पताल के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर एवं हैड डाॅक्टर पुनीत रिझवानी ने बताया कि कोरोना के बाद डायबिटिक पेशेंट की आंखों में फंगल इंफेक्शन न्यूकर माइकोसिस के केस सामने आ रहे है. Also Read - Beating The Retreat Ceremony: 72वें गणतंत्र दिवस पर अटारी बॉर्डर पर दर्शकों की गैरमौजूदगी में हुई बीटिंग र्रिटीट

पहले इस तरह के केस साल भर में एक-दो ही देखने को मिलते थे, लेकिन अब उन्होंने करीब पांच केस ऐसे देखे हैं, जिनमें पोस्ट कोविड मरीज को इस तरह का इंफेक्शन हो रहा है. पुनीत रिझवानी ने कहा कि यह बहुत खतरनाक इंफेक्शन हैं और समय पर सावधानी नहीं बरती तो यह काफी खतरनाक हो सकता है. उन्होंने बताया कि शुगर के मरीजों में यह बीमारी ज्यादा देखी जा रही है. इसका लक्षण आंखों में सूजन, सिर दर्द, धुंधला दिखाई देना है. Also Read - Covid-19: देश में कोरोना के 9,102 नए केस, बीते 8 महीनों में सबसे कम मौतें

साथ ही डाॅक्टर रिझवानी ने बताया कि कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद भी लंग्स में फेब्रोसिस, जोड़ो में दर्द और गले में संक्रमण, हाथ-पैर में दर्द, स्टेमिना कमजोर होना, चिड़चिड़ापन जैसी बीमारियां सामने आ रही है. Also Read - Uttar Pradesh News: बस्ती जेल में 123 कैदी और तीन कर्मचारी कोविड-19 से संक्रमित

कार्डियक अरेस्ट और बेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ रहा
डॉक्टर्स के मुताबिक कोरोना पीरियड में यह देखने में आया कि मरीज कोरोना से ठीक हो चुका है, लेकिन कई मरीज पोस्ट कोविड के दौरान उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट और ब्रेन स्ट्रोक हो रहा है. ऐसे में इससे बचाव के लिए जरूरी है कि समय-समय पर डी डाइमेर वेल्यूज करानी चाहिए. इस टेस्ट से पता चलता है कि खून कितना गाढ़ा है.