कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए राजस्थान के भीलवाड़ा में बेहतरीन काम करने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की प्रशंसा की जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ की गई वीडियो कांफ्रेंस में भीलवाड़ा मॉडल के तहत कोरोना महामारी से लड़ने के लिए शुरू की गई नई पहल पर गहलोत को बधाई दी. सफल भीलवाड़ा मॉडल के लिए राजस्थान की दुनिया भर में चर्चा की जा रही है. इसका श्रेय राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को दिया जा रहा है. Also Read - राजस्थान में फिर शुरू हो रहा राजनीतिक संकट! पायलट खेमे के विधायक ने दिया इस्तीफा, क्या बोले BJP अध्यक्ष?

इस बारे में अशोक गहलोत ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि भीलवाड़ा मॉडल का सार यह है कि यहां कर्फ्यू का कड़ाई से पालन किया गया और जिले की पूरी आबादी की स्क्रीनिंग की गई. भीलवाड़ा चुनौती इस मायने में अद्वितीय रही कि कोरोना संक्रमण एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों में पाया गया और इसकी जानकारी के बिना ही डॉक्टर बड़े स्तर पर रोगियों की जांच करते रहे. इस संक्रमण के स्रोत का भी पता नहीं था. Also Read - Doctor Prabhat Kumar Dies: बिहार के जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रभात कुमार की कोरोना संक्रमण से मौत

इसके अलावा 30 लाख से अधिक आबादी की स्क्रीनिंग और परीक्षण के साथ ही संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आने वाले लोगों की पहचान करके उन्हें एकांतवास में करना सबसे बड़ी चुनौती थी. इसके लिए लोगों की व्यापक काउंसलिंग की जानी थी. लगभग 2,000 टीमों ने शहर की पूरी आबादी की स्क्रीनिंग के लिए डोर-टू-डोर सर्वे किया और इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण दिखाने वाले लोगों पर घर में एकांतवास को लागू किया और अगर आवश्यक हुआ तो आगे का परीक्षण भी किया गया. Also Read - महत्वपूर्ण संख्या में लोगों को टीका लगने के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था फिर अच्छा करेगी: आशिमा गोयल

एक सवाल के जवाब में गहलोत ने कहा कि कनाडा में भारत के राजदूत ने भीलवाड़ा मॉडल में गहरी रुचि दिखाई और उन्होंने कनाडा सरकार के साथ मॉडल साझा किया. मॉडल की सफलता इससे पता चलती है कि 27 में से 25 पॉजिटिव मामले पूरी तरह से ठीक हो गए हैं और घर लौट गए हैं. हालांकि उन्होंने आगे कहा कि उन्हें कनाडा सरकार की किसी विशेष प्रतिक्रिया की जानकारी नहीं है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान संभवतः देश का पहला राज्य है, जिसने गरीबों और निराश्रितों के लिए 3,000 करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि केंद्र को तब तक राज्यों को संभालने की जरूरत है, जब तक कि उनकी अर्थव्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आ जाती. गहलोत ने राज्यों के लिए प्रोत्साहन पैकेज की भी मांग की है.

(आईएएनएस)