नई दिल्ली: परिवार में शादी हो तो डेढ़ दो सौ लोगों का खाना बनाना और खिलाना कितना बड़ा काम होता है, लेकिन अगर किसी परिवार में हर रोज ही बारात को खिलाने जितना खाना पकता हो तो उसकी कल्पना करना मुश्किल है. मिजोरम में दुनिया का सबसे बड़ा परिवार रहता है, जिसके 181 सदस्य 100 कमरों के मकान में एक साथ रहते हैं. गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज है ये परिवार. Also Read - अरविंद केजरीवाल की गैर भाजपा दलों से अपील- राज्यसभा में कृषि विधेयकों के खिलाफ करें वोट

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घर के मुखिया चाना की 39 पत्नियां हैं Also Read - Home Remedies For Warts: चंद दिनों में मस्सों को जड़ से करना है गायब तो आजमाएं ये घरेलू तरीके, हफ्तेभर में हो जाएंगे गायब

महंगाई के इस दौर में जब चार पांच सदस्यों वाले परिवार का पालन पोषण करना एक बड़ी चुनौती हो सकती है, वहीं जिओना चाना अपनी 39 पत्नियों, 94 बच्चों, 14 बहुओं और 33 पोते-पोतियों के अलावा एक नन्हें प्रपौत्र के साथ बड़े प्यार से रहते हैं. अपने बेटों के साथ बढ़ई का काम करने वाले जिओना चाना का परिवार मिजोरम में खूबसूरत पहाड़ियों के बीच बटवंग गांव में एक बड़े से मकान में रहता है. परिवार जब सबसे बड़ा है तो जाहिर है कि मकान भी खूब बड़ा ही होगा. चाना के मकान में कुल सौ कमरे हैं. जिओना दुनिया के इस सबसे बड़े परिवार के मुखिया होने पर गौरवान्वित महसूस करते हैं.

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मिलजुल कर करते हैं सारा काम

जिओना अपने परिवार के साथ 100 कमरों के जिस मकान में रहते है. उसमें एक बड़े से रसोईघर के अलावा सबके लिए पर्याप्त जगह है. जिओना अपने परिवार को बड़े अनुशासन से चलाते हैं. चाना के बड़े पुत्र नुनपरलियाना की पत्नी थेलेंजी बताती हैं कि परिवार में सब लोग बड़ी खुशी से रहते हैं और लड़ाई झगड़े जैसी कोई बात नहीं है. खाना बनाने और घर के अन्य कामकाज भी सब मिलकर करते हैं.

चाना की सबसे बडी पत्नी घरेलू कामों की मुखिया हैं

परिवार की महिलाएं खेती बाड़ी करती हैं और घर चलाने में योगदान देती हैं. चाना की सबसे बडी पत्नी मुखिया की भूमिका निभाती है और घर के सभी सदस्यों के कार्यों का बंटवारा करने के साथ ही कामकाज पर नजर भी रखती हैं. एक आम परिवार में जितना राशन दो महीने चलता है, इस परिवार की भूख मिटाने के लिए हर दिन उतना राशन खर्च हो जाता है. यहां एक दिन में 45 किलो से ज्यादा चावल, 30-40 मुर्गे, 25 किलो दाल, दर्जनों अंडे, 60 किलो सब्जियों की ज़रूरत होती है. इसके अलावा इस परिवार में लगभग 20 किलो फल की भी हर रोज़ खपत होती है.

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इलाके की सियासत में भी चाना परिवार का खासा दबदबा

परिवार में इतने सदस्यों के नाम, उनके जन्मदिन और उनके अन्य क्रियाकलाप पर नजर रखना कितना मुश्किल होता है, इस बारे में चाना के सबसे बड़े पुत्र नुनपरलियाना बताते हैं कि परिवार में सब सदस्यों के नाम याद रखना मुश्किल नहीं है. लोग अपने ढेरों दोस्तों के नाम भी तो याद रखते हैं, हम उसी तरह अपने भाई-बहनों और अपने तथा उनके बच्चों के नाम याद रखते हैं.

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उनका कहना है, जन्मदिन याद रखने में थोड़ी दिक्कत जरूर होती है, लेकिन किसी न किसी को याद रह ही जाता है. इलाके की सियासत में भी चाना परिवार का खासा दबदबा है. एक साथ एक ही परिवार में इतने सारे वोट होने की वजह से तमाम नेता और इलाके की राजनीतिक पार्टियां जियोना चाना को अच्छा खासा महत्व देती हैं, क्योंकि स्थानीय चुनाव में इस परिवार का झुकाव जिस पार्टी की तरफ होता है, उसे ढेरों वोट मिलना पक्का है.

गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज है ये परिवार

एक तरफ जहां देश में संयुक्त परिवार की परंपरा लगभग खत्म हो चली है, एक ही छत के नीचे इतने बड़े परिवार का एक साथ रहना आश्चर्य के साथ साथ एक सुखद एहसास भी देता है. गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज इस परिवार के सदस्य अपने आप में पूरा गांव हैं. बात करें तो सुनने वालों की कमी नहीं, मैच खेलने जाएं तो देखने वालों की कमी नहीं और एक साथ बैठ जाएं तो अपने आप में मेला और त्यौहार हो जाए. (इनपुट एजेंसी)