नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश में मुख्यमंत्री तक की कुर्सी का रास्ता गांवों की धूलभरी सड़कों से होकर जाता है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी ने 2004 में पैदल ही गांवों की खाक छान थी. इसके 10 साल बाद चंद्रबाबू नायडू ने पैदल मार्च निकाला था. अब वाईएस राजशेखर रेड्डी के बेटे जगमोहन रेड्डी ने पैदल 3,650 किलोमीटर की दूरी तय कर एक रिकॉर्ड बना दिया है. देश में शायद ही किसी नेता ने पैदल ही इतनी लंबी दूरी तय की हो. आंध्र प्रदेश में 4 महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं. हालांकि राज्य का मुख्यमंत्री कौन होगा ये तो जनता तय करेगी, लेकिन जगमोहन रेड्डी को लगता है कि 2014 की तुलना में 2019 में उनकी स्थिति अच्छी है. 2014 में वाईआरएस कांग्रेस तेलगू देशम और बीजेपी से गठबंधन के खिलाफ थी. हार के रूप में इसका खामियाजा भी उसे भुगतना पड़ा. हालांकि जीत-हार का अंतर सिर्फ दो प्रतिशत का था.  अब टीडीपी बीजेपी और जनसेना से भी अलग हो चुकी है. Also Read - बारिश की मार झेल रहा आंध्र प्रदेश, 3 दिन में 8 लोगों की मौत

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175 में से 134 विधानसभा सीटों को किया कवर

जगमोहन रेड्डी ने नवंबर 2017 में प्रजा संकल्प यात्रा शुरू की थी तो उनके 21 विधायकों ने वाईएसआर कांग्रेस का साथ छोड़कर टीडीपी का दामन थाम लिया था. चंद्रबाबू नायडू ने इनमें से 4 विधायकों को मंत्री बना दिया था. पार्टी को उम्मीद है कि 429 दिन लंबी पदयात्रा से अप्रैल-मई में होने वाले चुनाव में पार्टी को मदद मिलेगी. पार्टी नेताओं का दावा है कि जगन पदयात्रा के दौरान दो करोड़ लोगों तक पहुंचे, जिसमें 175 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में 134 से ज्यादा को कवर किया गया.

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आंध्र को स्पेशल राज्य का दर्जा दिलाने वाली पार्टी को समर्थन

रेड्डी आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन.चंद्रबाबू नायडू के धुर विरोधी तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर से हाथ मिला चुके हैं. उन्होंने लोगों से कहा कि राव आंध्र प्रदेश को स्पेशल कैटेगिरी दिलाने में मदद करेंगे. यही कारण है कि वह आंध्र को स्पेशल राज्य का दर्जा दिलाने वाली किसी पार्टी को समर्थन के लिए तैयार हैं.

जगमोहन रेड्डी का कहना है कि हम किसी राष्ट्रीय पार्टी या नायडू पर भरोसा नहीं कर सकते. इन लोगों ने आंध्रप्रदेश को ठगा है. कोई भी पार्टी जो आंध्रप्रदेश को स्पेशल राज्य का दर्जा दिलाने के लिए डेडलाइन बताएगी हम उसका समर्थन करेंगे. यही कारण है कि हमें आंध्र प्रदेश के 25 सासंद और तेलंगाना से 17 सांसद जीताने हैं जो स्पेशल राज्य के दर्जे के लिए समर्थन देंगे.

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क्या है Ninnu nammam Babu का मतलब

रेड्डी के पैदल मार्च में चल रही सैकड़ों कारों पर लिखा था Ninnu nammam Babu जिसका मतलब है हम चंद्रबाबू नायडू पर भरोसा नहीं करते. हर दिन के पैदल मार्च के बाद जगमोहन रेड्डी ने इसी लाइन का बार-बार अपनी जनसभा में जिक्र किया. जगमोहन रेड्डी ने अपनी यात्रा के बाद रैलियों में चंद्रबाबू नायूड पर हमला बोला और कहा कि चंद्रबाबू नायूड देश की राजनीति में बड़ा रोल निभाने के लिए राज्यों के दौरे कर रहे हैं, लेकिन राज्य के लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए उनके पास समय नहीं है.

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‘ममता के साथ चिकन, स्टालिन के साथ इडली खाने जाते हैं नायडू’

जगमोहन रेड्डी ने कहा कि नायडू कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमार स्वामी के साथ कॉफी पीने के लिए जाते हैं, लेकिन राज्य के किसानों के पास उनके लिए समय नहीं है. वह चेन्नई जाते हैं और एमके स्टालिन के साथ इडली सांभर खाते हैं, ममता के पास जाते हैं और चिकन खाते हैं, लेकिन राज्य के लोगों की समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं.

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जगन ने छह नवंबर, 2017 को कडपा जिले के अपने गृहनगर इदुपुलापाया से पदयात्रा शुरू की थी. पूर्व चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर को जगन की पदयात्रा के फैसले के पीछे माना जा रहा है. मुख्यमंत्री एन.चंद्रबाबू नायडू की अगुवाई वाली तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) से सत्ता छीनने की कोशिश में जगन के अपने पिता व आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी के नक्शेकदम को दोहराने की उम्मीद है. राजशेखर रेड्डी ने भी इसी तरह की एक पदयात्रा की थी और विभाजन से पूर्व आंध्र प्रदेश में सत्ता हासिल की थी.