Bihar Assembly Election 2020: बिहार विधानसभा चुनाव 2020 (Bihar Assembly Electon 2020) जल्द ही होने वाला है. इससे पहले राजधानी दिल्ली में सियासी ड्राम देखने को मिल रहा है. किसानों से संबंधित 2 बिलों के पास होने के बाद राज्यसभा में हुए हंगामें के कारण कुल 8 सासंदों को सदन की कार्यवाही से निलंबित कर दिया गया था. इसी के विरोध में 8 निलंबित सांसदों ने सदन के बाहर पार्क में पूरी रात जगकर प्रदर्शन विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया. इस दौरान संसद के बाहर स्थित गांधी प्रतिमा के पास उनसे मिलने राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश संसद पहुंचे वो भी अपने साथ चाय लेकर. खुद ही अपने हाथों से चाय को उन्होंने सांसदों को दिया. हालांकि खबरों की मानें तो इस दौरान निलंबित सांसदों ने चाय पीने से मना कर दिया.Also Read - गोलकीपर पीआर श्रीजेश की पत्नी अनीशा को यकीन कांस्य पदक जरूर जीतेगी पुरुष हॉकी टीम

हरिवंश के इस काम की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तारीफ की. प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर कहा, ‘हर किसी ने देखा कि दो दिन पहले लोकतंत्र के मंदिर में उनको किस प्रकार अपमानित किया गया, उन पर हमला किया गया और फिर वही लोग उनके खिलाफ धरने पर भी बैठ गए. लेकिन आपको आनंद होगा कि आज हरिवंश जी ने उन्हीं लोगों को सवेरे-सवेरे अपने घर से चाय ले जाकर पिलाई. Also Read - PM Modi to launch e-RUPI today: पीएम मोदी आज लॉन्च करेंगे e-RUPI, जानिए- नये डिजिटल भुगतान के फायदे

उन्होंने आगे लिखा, ‘यह हरिवंश जी की उदारता और महानता को दर्शाता है. लोकतंत्र के लिए इससे खूबसूरत संदेश और क्या हो सकता है. मैं उन्हें इसके लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं. उन्होंने अपने अगले ट्वीट में लिखा, ‘बिहार की धरती ने सदियों पहले पूरे विश्व को लोकतंत्र की शिक्षा दी थी. आज उसी बिहार की धरती से प्रजातंत्र के प्रतिनिधि बने श्री हरिवंश जी ने जो किया, वह प्रत्येक लोकतंत्र प्रेमी को प्रेरित और आनंदित करने वाला है. Also Read - नीतीश कुमार ने कहा- जाति आधारित जनगणना के मुद्दे पर पीएम मोदी से मिलूंगा

बता दें कि इसी प्रकरण में उपसभापति हरिवंश सिंह ने सभापति को एक खत लिखा है. खत में उन्होंने सभापति को बताया कि वे सांसदों के व्यवहार से आहत है. ऐसे में वह एक दिन का उपवास रखेंगे. राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति को खत लिखकर हरिवंश ने कहा कि वह सदन में हुए हंगामे से आहत हैं और रात भर सो भी नहीं सके. उन्होंने आगे लिखा, ‘मुझे लगता है कि उच्च सदन के मर्यादित पीठ पर मेरे साथ जो अपमानजनक व्यवहार हुआ उसके लिए मुझे एक दिन का उपवास करना चाहिए. शायद मेरे उपवास से इस तरह के आचरण करने वाले माननीय सदस्यों के भीतर आत्मशुद्धि का भाव जागृत हो.’

बिहार चुनाव और चाय पर चर्चा

जिस तरह की हरकत सदन में कि गई व कहीं न कहीं अमार्यादित, अलोकतांत्रिक और असंसदीय थी. लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि पूरा मुद्दा अब कृषि बिल से हटकर उपसभापति हरिवंश के अपमान की ओर झुकता दिख रहा है. इसका सियाशी कनेक्शन बिहार विधानसभा चुनाव से हो सकता है. क्योंकि ध्यान देने वाली बात यह है कि राज्यसभा में जो हुआ उसके अगले ही दिन सुबह हरिवंश सिंह चाय निलंबितक सांसदों को चाय पिलाने पहुंचते हैं. इस दौरान निलंबित सांसद चाय पीने से इनकार करते हैं, इसके तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिहार अस्मिता को जोड़ते हुए एक ट्वीट किया जाता. इस ट्वीट के फौरन बाद उपसभापति हरिवंश सिंह सभापति को खत लिखकर बताते हैं कि वे एक दिन के उपवास पर जा रहे हैं. क्योंकि जिस तरह का व्यवहार सदन में उनके साथ हुआ उससे वह आत्मपीड़ा में हैं और पूरी रात सो नही सके हैं.

बता दें कि पीएम मोदी ने जब उपसभापति के तारीफ में ट्वीट किया तो इस दौरान उन्हो्ंने बिहार का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार की धरती ने सदियों पहले पूरे विश्व को लोकतंत्र की शिक्षा दी थी. आज उसी बिहार की धरती से प्रजातंत्र के प्रतिनिधि बने श्री हरिवंश जी ने जो किया, वह प्रत्येक लोकतंत्र प्रेमी को प्रेरित और आनंदित करने वाला है. उन्होंने बिहारी अस्मिता को जोड़ते हुए यह दिखाया कि उपसभापति महोदय बिहार से जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राज्यसभा सांसद हैं. ऐसे में विपक्ष द्वारा बिहार के नेता का अपमान किया गया है. कहीं न कहीं बिहार की चुनावी रणनीति में अब यह भी दिखाने की कवायद शुरू हो चुकी है. आपको बता दें कि भाजपा का चाय पर चर्चा का इतिहास काफी पुराना रहा है. साल 2014 में चुनावों के दौरान मणिशंकर अय्यर ने चायवाले शब्द का इस्तेमाल किया था, जिसके बाद चायवाला तो चुनावी स्लोगन बन गया. वहीं पीएम ने खुद को चायवाले के तौर पर पेश किया. लेकिन अब बिहार चुनाव हैं तो बिना मुद्दों के जीत असंभव होगी. इस कारण कहीं न कहीं इसका लिंक बिहार विधानसभा चनावों से संबंधित प्रतीत होता है. इसका सीधा मतलब है भाजपा+सहयोगी दल और विपक्ष पूरा एक तरफ.