नई दिल्ली. सितंबर के शुरुआती दिनों में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सेहत खराब होने के कारण सीएम के कई कार्यक्रमों को रद्द करना पड़ा था. हर मुद्दे और घटनाओं को तूल देने वाला विपक्ष, मुख्यमंत्री की अस्वस्थता पर कैसे चुप रहता, इसलिए सीएम नीतीश कुमार की हेल्थ बुलेटिन की मांग की जाने लगी. प्रमुख विपक्षी दल राजद के नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए सरकार से मांग की कि मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य और बीमारी से संबंधित हेल्थ बुलेटिन जारी करे. एक अन्य विपक्षी दल कांग्रेस के नेता हरखू झा ने राजद के सुर में सुर मिलाया तो नीतीश की अस्वस्थता को लेकर भी सियासत शुरू हो गई. जदयू ने राजद के बयान की निंदा करते हुए हमला किया कि क्या कभी तेजस्वी यादव ने लालू प्रसाद का हेल्थ बुलेटिन जारी किया है. बहरहाल, सेहत ठीक होने के बाद सीएम नीतीश कुमार सोमवार को दिल्ली पहुंचे. आज उन्होंने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में रूटीन-चेकअप कराई. नीतीश कुमार दिल्ली में कुछ दिन रहेंगे और आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी के साथ बिहार में सीट बंटवारे पर बातचीत करेंगे. सीट बंटवारे को लेकर यह बैठक निर्णायक है. सियासी जानकारों को उम्मीद है कि दिल्ली में सीएम नीतीश कुमार की सेहत की जांच और भाजपा के साथ उनकी बैठक के बाद बिहार-राजग का कुनबा और तंदुरुस्त होगा.

प्रशांत किशोर के जदयू में आने से पार्टी उत्साहित
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश का हेल्थ-चेकअप के लिए दिल्ली आना, उसके पहले जदयू में चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर का शामिल होना, महज संयोग हो सकता है या राजनीति में संयोग होते ही रहते हैं. कम से कम जनता दल (यूनाइटेड) यानी जदयू नेताओं को तो इस संयोग पर काफी भरोसा है. पार्टी के नेता इस बात से काफी उत्साहित हैं कि लोकसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार के पुराने सहयोगी और रणनीतिकार प्रशांत किशोर जदयू में आ गए हैं. पार्टी नेताओं को लगता है कि सीट बंटवारे से लेकर चुनाव लड़ने तक की रणनीति बनाने में प्रशांत मुख्य भूमिका निभाएंगे. हालांकि सीट बंटवारे को लेकर खुद सीएम नीतीश कुमार पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि भाजपा के साथ कोई मतभेद नहीं है, फिर भी सियासी गलियारों में जब तक इस मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं आ जाता, तब तक ‘अनसुलझा’ ही माना जा रहा है. ऐसे में नीतीश कुमार का दिल्ली दौरा कोई सकारात्मक परिणाम लाएगा, इसके कयास लगाए जा रहे हैं.

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की राजनीति में एंट्री, जेडीयू में हुए शामिल!

इसी महीने के अंत तक दोनों दलों में होगा समझौता
बिहार के कुछ जिलों में इस साल के शुरुआत में सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं होने के बाद सत्तारूढ़ जदयू और उसके प्रमुख सहयोगी भाजपा के बीच मतभेद की बात सुनने में आई थी. इन्हीं मतभेदों के कारण दोनों दलों के नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी भी हुई, जिससे बिहार में आगामी लोकसभा चुनाव के लिए नेतृत्वकर्ता की चर्चाएं सामने आने लगीं. दो-तीन महीनों तक राजग के इन दोनों प्रमुख दलों के नेता, लोकसभा चुनाव के नेतृत्वकर्ता को लेकर भिड़ते रहे. जदयू जहां नीतीश कुमार के पक्ष में बयानबाजी कर रहा था, वहीं भाजपा पीएम नरेंद्र मोदी को ही सर्वमान्य नेता बनाने पर अड़ी थी. कुछ महीने की यह जंग आखिरकार दोनों दलों के प्रमुख नेताओं की विभिन्न मंचों पर हुई मुलाकातों के बाद थमी. नीतीश कुमार ने कहा कि भाजपा से सीट बंटवारे पर विवाद नहीं होगा. वहीं भाजपा नेताओं ने भी बिहार में नीतीश और केंद्र में मोदी का फॉर्मूला मान लिया. बीते रविवार को पार्टी कार्यकारिणी की बैठक में नीतीश कुमार ने एक बार फिर यह बात स्पष्ट कर दी कि सीट बंटवारे पर राजग में कहीं कोई मतभेद नहीं है. सम्मानजनक रूप से जदयू को सीटें मिल रही हैं. इसके पहले जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने भी कहा था कि सितंबर के अंत तक लोकसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे को लेकर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी.

हाजीपुर से रामविलास पासवान के खिलाफ बेटी या दामाद! राजद टिकट दे तो ससुर से भिड़ेंगे अनिल साधु

हाजीपुर से रामविलास पासवान के खिलाफ बेटी या दामाद! राजद टिकट दे तो ससुर से भिड़ेंगे अनिल साधु

वायरल बुखार, आंखों और घुटनों की होगी जांच
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वास्थ्य जांच के लिए मंगलवार को नई दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती हुए. अस्पताल सूत्रों ने बताया कि कुमार सुबह करीब साढ़े आठ बजे एम्स के निजी वार्ड में भर्ती हुए. उन्होंने बताया कि बुखार, आंखों और घुटनों में समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को अस्पताल में भर्ती किया गया. हालांकि, उनके रोग की पहचान अभी की जानी बाकी है. इससे पहले सोमवार की दोपहर के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना से दिल्ली के लिए रवाना हुए. मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, मुख्यमंत्री अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में रह सकते हैं.