नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट का एक ऐसा नाम जो अपने साथ कई रिकार्ड्स ले कर घूमता है फिर भी प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने के लिए संघर्ष करता हुआ नजर आता है. भारत का एक ऐसा ऑलराउंडर जिसने आते ही अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी से पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था. टीम इंडिया का वो स्पिनर जिसने सबसे तेज 300 विकेट झटक कर वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. आज वही दिग्गज खिलाड़ी 33 साल के हो गए हैं और अपना हैप्पी बर्थडे मना रहे हैं. हम बात कर रहे हैं भारतीय ऑलराउंडर रविचंद्रन अश्विन की.

एक वक्त पर दुनिया का नंबर एक स्पिन टेस्ट गेंदबाज होना और फिर धीरे-धीरे खुद को टीम इंडिया के प्लेइंग इलेवन से बाहर देखना वाकई हिम्मत और जज्बे की बात है. अश्विन की जिंदगी इसी हिम्मत के लौ से आज भी रौशन है. अश्विन का जन्म 17 सितंबर 1986 को तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के एक तमिल परिवार में हुआ था. घर पर बहुत पहले से ही क्रिकेट की गूंज आंगन में टहलती रहती थी. अश्विन के पिता रविचंद्रन ने भी तेज गेंदबाज के रूप में कई सालों तक क्लब क्रिकेट खेला मगर जिम्मेदारियों के तले उन्होंने अपना ये शौक अपने बेटे अश्विन में भर दिया. अश्विन अपनी स्कूलिंग और कॉलेज के दौरान पढ़ाई के साथ-साथ क्रिकेट भी खेला करते थे. माता-पिता की कड़ी मेहनत और अनुशासन ने अश्विन को इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीटेक की डिग्री दिला दी.

सब कुछ किया ट्राई

भारतीय स्टार स्पिनर अपने करियर के शुरुआती दौर में सलामी बल्लेबाज हुआ करते थे. और सबसे रोमांचक बात तो ये की अश्विन टीम में पहले मीडियम पेसर की भूमिका निभाते थे मगर उनके उस वक्त के कोच ने उन्हें तेज गेंदबाज से एक स्पिनर बना दिया. हालांकि, चेन्नई में जन्मे इस लड़के ने अपनी कद काठी को देखते हुए एक फुटबॉलर बनने की भी चाहत पाल ली थी.

अश्विन का सफर 

अश्विन ने अब अपने करयिर में 65 टेस्ट, 111 वनडे और 46 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं. टेस्ट करियर में उन्होंने 2.84 की इकोनॉमी और 25.43 के औसत से 342 विकेट लिए हैं. वे 26 बार एक पारी में पांच विकेट ले चुके हैं. 65 टेस्ट की 93 पारियों में अश्विन ने 54.80 के स्ट्राइक रेट और 29.14 के औसत से 2361 रन बनाए हैं जिसमें चार शतक और 11 हाफ सेंचुरी शामिल है. वनडे में भी अश्विन उतने ही घातक साबित हो चुके हैं. उन्होंने 32.91 के औसत और 4.91 की इकोनॉमी से 150 वनडे विकेट अपने नाम किया है. उन्होंने अपना पिछला वनडे और टी20 इंटरनेशनल मैच 2017 में खेला था इसके बाद वे टीम इंडिया वनडे टीम में नजरअंदाज होते रहे हैं. वहीं, बात अगर टी-20 क्रिकेट की करें तो अश्विन ने 46 मैचों में 52 विकेट हासिल किया है.

रिकार्ड्स पर एक नजर, सचिन और सहवाग को भी पीछे छोड़ा 

भारत के ये धुरंधर गेंदबाज टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 100 विकेट लेने भारतीय गेंदबाजों की सूचि में शीर्ष स्थान पर हैं. दुनियाभर की अगर बात करें तो अश्विन ऐसा करने वाले पांचवें गेंदबाज है. अश्विन टेस्ट क्रिकेट में भारत के इकलौते ऐसे क्रिकेटर है जिन्होंने एक ही मैच में शतक और पांच विकेट लेने का नायाब कारनामा दो बार किया है. यही नहीं, अश्विन ने टेस्ट क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग को भी पीछे छोड़ा है. अश्विन टेस्ट क्रिकेट में छह बार ‘मैन ऑफ दी सीरीज’ बन चुके हैं वहीं, सचिन और सहवाग के नाम पांच बार ही ये खिताब आया है.

पुरस्कार

अश्विन  2014 में अर्जुन पुरस्कार और 2012-14 सत्र के लिए बीसीसीआई के अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर ऑफ द ईयर की उपाधि से नवाजे गए थे. उन्होंने दिसंबर 2016 में वर्ष 2016 के आईसीसी टेस्ट क्रिकेटर के साथ वर्ष 2016 का आईसीसी क्रिकेटर का भी खिताब अपने नाम किया था.