Black Death/Bubonic Plague: चीन से निकले कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप अब भी जारी है. लेकिन इस बीच चीन से एक बार फिर एक प्राचीन बीमारी की शुरुआत की खबर सामने आई है. कोरोना वायरस, हंता वायरस और G-4 स्वाईन फ्लू वायरस के बाद अब एक और महामारी सामने आ चुकी है. इस महामारी का नाम Black Death/Bubonic Plague (ब्लैक डेथ/ब्यूबोनिक प्लेग) है. यह महामारी बहुत ही प्राचीन है. हालांकि यह महामारी किसी वायरस से ताल्लुक नहीं रखता. बल्कि यह बिमारी बैक्टीरिया के संपर्क में आने से फैलता है. इसी महामारी से जुड़े कुछ मामले फिर से सामने आ रहे हैं. ये मामले भी चीन से ही सामने आ रहे हैं. चीन के क्षेत्र इनर मंगोलिया के बयून नूर (Bayun Nur) शहर में इस महामारी के कुछ मामले सामने आए हैं. यही नहीं मंगोलिया में भी 1 जुलाई के लगभग कुछ मामले देखने को मिले थे. मंगोलिया के खोवद (Khovd) क्षेत्र में एक ही परिवार के दो सदस्यों की ब्यूबोनिक प्लेग के कारण मौत हो गई है. ये दोनों भाई थे. इसमें एक की उम्र 17 साल थी और दूसरे की उम्र 27 साल थी. Also Read - International Flights August 4: वंदे भारत मिशन के तहत विदेश से आज आ रही हैं ये फ्लाइट्स, यहां करें चेक

कैसे फैलता है ब्यूबोनिक प्लेग? (How does Bubonic Plague spread)? Also Read - Madhya Pradesh: राजधानी भोपाल में 10 दिन का लॉकडाउन खत्‍म, खुले बाजार

ब्यूबोनिक प्लेग चूहे, खरगोश और गिलहरियों से फैलता है. दरअसल चूहों या इन जानवरों के शरीर पर कई बार फ्लीस (Fleas) नाम का एक कीड़ा होता है. कई बार जब ये जानवर इंसानों के शरीर के पास पहुंचते हैं तो ये फ्लीस कीड़ा कई बार मनुष्यों के शरीर पर चला जाता है. इसके बाद वह यह कीड़ा इंसानों को संक्रमित कर देता है. Also Read - Delhi High Court में स्कूल ट्यूशन फीस को माफ कराने की याचिका पर आज सुनवाई

क्या है ब्यूबोनिक प्लेग? (What Is Bubonic Plague)?

बता दें कि ब्योबोनिक प्लेग एक बिमारी है. यह किसी वायरस से नहीं बल्कि बैक्टिरिया से फैलता है. इस बैक्टीरिया का नाम यरसिनिया पेस्तीस (Yersinia Pestis) है. हालांकि यह संक्रमण पहले चरण में बैक्टीरिया से चूहे, गिलहरी और खरगोश जैसे जानवरों को होता है. इसके बाद यह मनुष्यों को संक्रमित करता है. इस कारण इसे जोनोटिक बैक्टीरिया (Zoonotic Bacteria) भी कहते हैं.

क्या इंसानों से इंसानों में फैलता है? (Bubonic Plague spread Human to Human)?

अगर ह्यूमन टू ह्यूमन संक्रमण की बात करें तो जी हां, काफी संभावना है कि यह संक्रमण एक इंसान से दूसरे इंसान तक फैल सकता है. यही कारण है की चीन के शहर में अलर्ट 3 जारी कर दिया गया है. इसमें यह बताया गया है कि यह संक्रमण एक इंसान से दूसरे इंसान तक फैल सकता है. इस कारण सभी को दूरी बनाकर रहने साथ ही साफ सफाई का ध्यान देने को कहा गया है.

ब्यूबोनिक प्लेग के लक्ष्ण ( Sympotoms of Bubonic Plague)?

इस बिमारी से संक्रमित इंसान को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. जैसे- कांख में सूजन या फिर इसमें पानी भर जाना (Lymph Nodes). कई बार इसमें पानी भर जाने के कारण इसका आकार एक अंडे जैसे भी हो जाता है. साथ ही अन्य लक्षणों की बात करें तो बुखार, सरदर्द, थकान व मांसपेशियों में दर्द, त्वचा का रंग बदल जाना, कफ, खून की उल्टी, त्वचा के उपर काले धब्बों की भी शिकायत होती है.

क्या ब्यूबोनिक प्लेग जानलेवा है? (Bubonic Plague Is Deadly)?

हां, यह जानलेवा है. इससे संक्रमित होने पर उम्र का कम होना या ज्यादा होना मायने नहीं रखता है. इससे सिर्फ एंटीबायोटिक दवाई से ही बचा जा सकता लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह कुछ भी करने से बचें. वरना यह आपके लिए यह और ज्यादा नुकसानदायक हो सकता है. कुछ दवाईयां जैसे- Streptomycin, Gentamicin, Doxycycline और Ciprofloxacin जैसे एंटीबायोटिक दवाईयां इस संक्रमण में फायदेमंद हो सकते हैं. लेकिन बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना आपके लिए घातक साबित हो सकता है.

महामारी का इतिहास (History of Bubonic Plague)

ब्यूबोनिक प्लेग को ब्लैक डेथ (Black Death) भी कहते हैं. क्योंकि 13वीं सदी में इसी महामारी के कारण यूरोप की आधी आबादी यानी 50 प्रतिशत आबादी की मौत हो गई थी. अगर आंकड़ों की बात करें तो लगभग 5 करोड़ से अधिक लोगों की यूरोप में मौत हो गई थी.