हैदराबाद: देश में कोरोना (Corona Virus) संकट है. ऐसे में पहले से ही खस्ताहाल स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर चिंता है. कोरोना बड़े पैमाने पर फैला तो लाखों वेंटिलेटर (Ventilator) की ज़रूरत पड़ेगी, जबकि सरकारी आंकड़ा है कि देश में सिर्फ 40 से 50 हज़ार वेंटिलेटर ही हैं. इसी बीच भारतीय वैज्ञानिकों ने वेंटिलेटर का विकल्प तैयार किया है. ये वेंटिलेटर के मुकाबले बेहद सस्ता है. एक वेंटिलेटर लाखों रुपए में बनकर तैयार होता है, जबकि तैयार किया गया नया डिवाइस सिर्फ 7 हज़ार रुपए में तैयार हो गया है. आईआईटी हैदराबाद ने अब सरकार को इस डिवाइस को इस्तेमाल करने का सुझाव दिया है. Also Read - Eid Al-Adha 2020: इस बार कुछ अलग होगी बकरीद, मुस्लिम धर्मगुरुओं बोले- कुर्बानी भी...

इस डिवाइस का नाम ‘बैग वॉल्व मास्क’ (Bag Valve Mask) है. ये नई टेक्नोलॉजी तो नहीं है. अमेरिका सहित दुनिया के कई हिस्सों में इसका इस्तेमाल होता है, लेकिन आईआईटी हैदराबाद ने इसे बेहद सस्ते में तैयार किया है. Also Read - Amitabh Bachchan Health Update: अमिताभ बच्चन के 26 स्टाफ निगेटिव, बिग बी की तबीयत है अब ऐसी

आईआईटी हैदराबाद के निदेशक प्रोफेसर बीएस मूर्ति और इसी संस्थान के मैकेनिकल एंड एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर ईश्वरन ने कहा कि चूंकि पारंपरिक वेंटिलेटर महंगे, मुश्किल से बनाए जाते हैं. साथ ही इन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाना मुश्किल होता है, लिहाजा उनके विकल्प के रूप में ‘बैग वाल्व मास्क’ डिवाइस इस्तेमाल किये जा सकते हैं, जोकि छोटे होते हैं. ये बेहद सस्ता भी है. इसे बनाना आसान होता है और साथ ही आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है. Also Read - CBSE Class X, XII Result 2020: इस आधार पर छात्रों को दिए जाएंगे मार्क्स, जानें रिजल्ट से जुड़ी बड़ी बातें

वेंटिलेटर का इस्तेमाल आपात स्थितियों में सांस लेने में मदद के लिए किया जाता है. जिन मरीजों को सांस लेने में दिक्कत होती है, उनके फेफड़ों में वेंटिलेटर के जरिए ऑक्सीजन पहुंचाई जाती है.

बता दें कि वेंटिलेटर को बनाने में काफी पैसा खर्च होता है. भारत में वेंटिलेटर सिर्फ असेम्बल किया जाता है. इसका सामान अमेरिका और यूरोपियन देशों से ही आता है. चूंकि इन देशों को भी कोरोना संकट ने घेरा है. ऐसे में इन देशों से वेंटिलेटर बनाने का सामान नहीं आ पा रहा है. ऐसी स्थिति में ये डिवाइस उपयोगी साबित हो सकता है.