नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी में पर्यटकों के पसंदीदा जगहों में से एक पुराना किला (Purana Qila) अब और भी निखर गया है. किले के अंदर घूमने वाले पर्यटकों के लिए यहां पर आकर्षण के कुछ और आयाम जुड़ गए हैं. इसके तहत जहां किले की झील का पुनरुद्धार कर दिया गया है. वहीं किले के अंदर पर्यटकों की सुविधाओं में भी बढ़ोतरी की गई है. इसके अलावा शाम के समय किले के भीतर और झील के आसपास की लाइटिंग-अरेंजमेंट में भी बदलाव किए गए हैं. बुधवार को संस्कृति मंत्री डॉ. महेश शर्मा (Dr. Mahesh Sharma) ने पुराना किला के पुनरुद्धार कार्य का उद्घाटन किया. उद्घाटन के बाद पुराना किला परिसर में पर्यटक सुविधाओं में बढ़ोतरी की तस्वीरें पोस्ट करते हुए डॉ. शर्मा ने ट्वीट किया कि दिल्ली में पुरातात्विक महत्व के इस किले को पहले से ज्यादा टूरिस्ट-फ्रेंडली बना दिया गया है. इससे आने वाले दिनों में पुराना किला में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी. पुनरुद्धार के साथ-साथ अब किले में घूमने आने वालों के लिए कुछ नियमों को भी सख्त कर दिया गया है. किले को प्रदूषण से बचाने के लिए अब यहां आने वाले पर्यटक किले के भीतर प्लास्टिक बोतल या अन्य पदार्थ नहीं ले जा सकेंगे. साथ ही किले में खाद्य पदार्थ ले जाने की छूट भी अब नहीं होगी.

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मंत्री ने कहा- धरोहरों का संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी
केंद्रीय संस्कृति मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने पुराना किला के पुनरुद्धार कार्यों के उद्घाटन करते हुए धरोहरों के संरक्षण पर जोर दिया. उन्होंने कहा, ‘यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि अपने धरोहरों के संरक्षण में अहम भूमिका निभाएं. तभी हमारा देश, धरोहर संरक्षण में दुनिया के अन्य देशों से मुकाबला कर सकता है.’ डॉ. शर्मा ने पुराना किला के पुनरुद्धार कार्यों के लिए आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) और नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (NBCC) की तारीफ करते हुए कहा कि नई सुविधाओं के जुड़ने के साथ यह किला अब पर्यटकों के लिए और भी आकर्षक हो गया है. यहां आकर लोगों को अपने देश के समृद्ध इतिहास की जानकारी मिलेगी. संस्कृति मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार देख रहे मंत्री ने कहा, ‘धरोहरों का संरक्षण और इन्हें ज्यादा से ज्यादा पब्लिक-फ्रेंडली बनाना ही मंत्रालय का मकसद है. धरोहर-स्थल पर आने वाला देशवासी अपने इतिहास को जाने और संस्कृति को पहचाने, यही हमारा उद्देश्य है.’

अब 20 रुपए देना होगा किला घूमने के लिए
पुराना किला के पुनरुद्धार कार्य के बाद अब यहां घूमने के लिए लगने वाले शुल्क को भी बढ़ा दिया गया है. पहले जहां किला घूमने के लिए 5 रुपए देने होते थे, वहीं अब पर्यटकों को इसके लिए 20 रुपए देने होंगे. पुनरुद्धार कार्य के उद्घाटन के दौरान बताया गया कि ASI को इस कार्य पर 30 करोड़ की लागत आई है. इसलिए किला-भ्रमण के शुल्क में बढ़ोतरी की गई है. 20 रुपए का टिकट देने वाले पर्यटक किला घूमने के साथ-साथ शाम के समय यहां की बेहतरीन लाइटिंग का भी आनंद उठा सकेंगे. आपको बता दें कि 3 हजार साल पहले बना दिल्ली का पुराना किला, राष्ट्रीय राजधानी के महत्वपूर्ण पर्यटक स्थलों में से एक है. 1534 ईस्वी में मुगल बादशाह हुमायूं ने इसका निर्माण कराया था. लगभग 2 किलोमीटर की परिधि में बना यह किला पारंपरिक इस्‍लामिक आर्किटेक्चर और हिन्दुस्तानी संस्कृति का बेहतरीन नमूना है.