Missile Man Dr APJ Abdul Kalam Birthday: महान वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति दिवंगत एपीजे अब्दुल कलाम आजाद का आज 89वां जन्मदिन है. जनता के राष्ट्रपति के रूप में अपनी छवि बनाने वाले कलाम एक महान वैज्ञानिक थे. उन्होंने देश के मिसाइल कार्यक्रम की अगुवाई की. लेकिन कलाम ने केवल मिसाइल तकनीक के क्षेत्र में ही अहम योगदान नहीं दिया बल्कि उनके नाम ऐसी तमाम उपलब्धियां है जिसके बारे में आप नहीं जानते होंगे.Also Read - पूर्व राष्ट्रपति डॉ. कलाम के बड़े भाई मोहम्मद मुथु मीरा का 104 साल की उम्र में निधन, रामेश्वरम में ली अंतिम सांस

एक एयरोस्पेश वैज्ञानिक (Aerospace Scientist) के रूप में कलाम ने देश के दो सर्वोच्च शोध संस्थाओं- रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के साथ लंबे समय तक काम किया. Also Read - A.P.J Abdul kalam Birthday Anniversary : हम सब के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम

उन्होंने स्वदेशी अग्नि और पृथ्वी मिसाइलों के विकास में बेहद अहम योगदान दिया. इसी योगदान के कारण उनको भारत का मिसाइल मैन (Missile Man Of India) कहा जाता है. दिवंगत अब्दुल कलाम के 89वें जन्मदिन पर हम आपको उनके पांच अहम योगदानों को बारे में बताते हैं…. Also Read - एपीजे अब्दुल कलाम पर बनने जा रही है फिल्म, केंद्रीय मंत्री ने पोस्टर किया जारी

1. अब्दुल कलाम भारत के पहले सैटेलाइट लॉन्च वेहिकल (SLV) को विकसित करने वाले प्रोजेक्ट के प्रमुख रहे. एसएलवी का विकास 1980 के दशक में किया गया. उस वक्त कहा जाता था कि भारत घरेलू सैटेलाइट लॉन्च वेहिकल बनाने का सपना देख रहा है. अब्दुल कलाम करीब 10 वर्षों तक इस परियोजना के प्रमुख रहे. इसके बाद क्या… आज सबको पता है. भारत अंतरिक्ष तकनीक की दुनिया में कहां है. आज भारत ने न केवल SLV का निर्माण किया बल्कि उसने कई बेहद ताकतवर लॉन्च वेहिकल बना लिए हैं.

2. अब्दुल कलाम ने देश में बैलेस्टिक मिसाइल परियोजना का नेतृत्व किया. SLV को सफलतापूर्वक विकसित करने के बाद उन्होंने इस परियोजना के तहत कई उत्कृष्ट मिसाइलों को विकसित किया. इसी परियोजना के तहत अग्नि और पृथ्वी मिसाइलों को विकसित किया गया. आज इन मिसाइलों को सेना को सौंपा जा चुका है. आज ये मिसाइलें भारत के सभी पड़ोसी देशों में काफी अंदर तक वार करने में सक्षम हैं.

3. परमाणु परीक्षण का नेतृत्व किया…. अब्दुल कलाम 1998 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार थे. उनके नेतृत्व में ही भारत ने 1998 में ऐतिहासिक परमाणु परीक्षण किए. राजस्थान के पोखरण में ये परीक्षण किए. इन परीक्षणों में अब्दुल कलाम की अहम भूमिका थी. वह 1992 से 1999 तक देश के परमाणु परीक्षण विभाग के प्रमुख रहे.

4. ऐसा नहीं है कि पूर्व राष्ट्रपति ने अब्दुल कलाम ने केवल सैन्य क्षेत्र में योगदान दिया. अब्दुल कलाम ने जानेमाने हृदय रोग विशेषज्ञ सोमा राजू के साथ मिलकर बेहद सस्ता कोरोनरी स्टेंट (Coronary Stent) बनाया. इस स्टेंट का नाम Kalam Raju Stent दिया गया. जिससे आज लाखों लोगों का हृदय संबंधी बीमारी में उपचार किया जा चुका है.

5. कलाम राजू (Kalam-Raju Tablet)… अब्दुल कलाम और सोमा राजू ने मिलकर 2012 में कलाम-राजू टैबलेट का आविष्कार किया, जिससे कि देश के सुदूर ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जा सके. इसे कलाम-राजू टैबलेट नाम दिया गया.