ज़िंदगी में ‘सफ़र’ एक अहम हिस्सा है. अगर देखा जाए तो ये ज़िंदगी ख़ुद में ही एक ‘सफ़र’ है. इस सफ़र में कई रंग की ख़ुशियां और परेशानी सांस लेती हैं. लिखने वालों ने ‘सफ़र’ के हवाले से कई किस्से, कहानियां और शायरी लिखे हैं जिसे हर इंसान कभी न कभी महसूस ज़रूर करता है. अक्सर जब हम एक नए सफ़र पर निकलते हैं उस वक्त कई तरीके से एहसास ज़हन में चहलकदमी करते हुए मालूम होते हैं मगर हम उसे सही ढंग से बयां नहीं कर पाते हैं . सफर की खुशियां और मुसीबतों के सागर में से हम आपके लिए लाए हैं कुछ ऐसी चुनिंदा शायरी जिसे पढ़ कर आप भी आसानी से अपने किसी भी सफर के बारे में बता पाएंगे. यह शायरी ज़िन्दगी के मुश्किल लम्हों में हौसले का ज़रिया भी हैं. तो चलिए निकलते हैं ‘सफ़र’ की शायरी पर. Also Read - Shayari in Hindi 2020: कुछ तो तन्हाई की रातों में सहारा होता... पढ़िए 'तन्हाई' पर 10 चुनिंदा शायरी 

यहां पढ़िए सफ़र पर 15 मशहूर शेर-

1.मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर
लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया
मजरूह सुल्तानपुरी Also Read - कहीं अबीर की ख़ुश्बू कहीं गुलाल का रंग... पढ़िए और भेजिए 'होली' पर ये चुनिंदा शायरी  

2.किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल
कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
अहमद फ़राज़ Also Read - Top 15 Waqt Shayari: Waqt Shayari in Hindi, वक़्त बर्बाद करने वालों को वक़्त बर्बाद कर के छोड़ेगा... पढ़ें 'वक़्त' पर 15 बेहतरीन शेर

3.अपनी मर्ज़ी से कहाँ अपने सफ़र के हम हैं
रुख़ हवाओं का जिधर का है उधर के हम हैं
निदा फ़ाज़ली

4.इस सफ़र में नींद ऐसी खो गई
हम न सोए रात थक कर सो गई
राही मासूम रज़ा

5.सफ़र में धूप तो होगी जो चल सको तो चलो
सभी हैं भीड़ में तुम भी निकल सको तो चलो
निदा फ़ाज़ली

सफ़र पर शायरी – Safar Shayari in Hindi

6.मैं लौटने के इरादे से जा रहा हूँ मगर
सफ़र सफ़र है मिरा इंतिज़ार मत करना
साहिल सहरी नैनीताली

7.आवाज़ दे के देख लो शायद वो मिल ही जाए
वर्ना ये उम्र भर का सफ़र राएगाँ तो है
मुनीर नियाज़ी

8.मुझे ख़बर थी मिरा इंतिज़ार घर में रहा
ये हादसा था कि मैं उम्र भर सफ़र में रहा
साक़ी फ़ारुक़ी

9.जिधर जाते हैं सब जाना उधर अच्छा नहीं लगता
मुझे पामाल रस्तों का सफ़र अच्छा नहीं लगता
जावेद अख़्तर

10.सफ़र में ऐसे कई मरहले भी आते हैं
हर एक मोड़ पे कुछ लोग छूट जाते हैं
आबिद अदीब

हिंदी में पढ़ें सफ़र पर शायरी – Famous Sher on Safar

11.ख़ामोश ज़िंदगी जो बसर कर रहे हैं हम
गहरे समुंदरों में सफ़र कर रहे हैं हम
रईस अमरोहवी

12.है कोई जो बताए शब के मुसाफ़िरों को
कितना सफ़र हुआ है कितना सफ़र रहा है
शहरयार

13.ये बद-नसीबी नहीं है तो और फिर क्या है
सफ़र अकेले किया हम-सफ़र के होते हुए
हसीब सोज़

14.सफ़र के साथ सफ़र के नए मसाइल थे
घरों का ज़िक्र तो रस्ते में छूट जाता था
वसीम बरेलवी

15.सफ़र के ब’अद भी मुझ को सफ़र में रहना है
नज़र से गिरना भी गोया ख़बर में रहना है
आदिल रज़ा मंसूरी